ईरान इस समय गंभीर अंदरूनी संकट से गुजर रहा है. कई शहरों में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. सुप्रीम लीडर खामेनेई के खिलाफ भी नारे लग रहे हैं. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. ऐसे संकेत हैं कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है. इसी वजह से वहां हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं. सड़कों पर डर का माहौल है. बाजार और यातायात प्रभावित हो रहे हैं.
क्या भारत सरकार ने बड़ा ऑपरेशन तय कर लिया है
भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष ऑपरेशन की तैयारी कर ली है. विदेश मंत्रालय उन भारतीयों को वापस लाएगा जो लौटना चाहते हैं. इसके लिए हवाई और जमीनी रास्तों दोनों का उपयोग किया जाएगा. पहले से ही नागरिकों को वहां से निकलने की सलाह दी जा चुकी है. अब हालात ज्यादा बिगड़ने से पहले लोगों को बाहर लाने की योजना है.
क्या जम्मू कश्मीर के छात्र सबसे ज्यादा खतरे में हैं
ईरान में बड़ी संख्या में जम्मू कश्मीर के छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. उनके परिवार बेहद चिंतित हैं. सीएम उमर अब्दुल्ला ने विदेश मंत्री से बात कर सुरक्षा की मांग की है. विदेश मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि छात्रों को सुरक्षित निकाला जाएगा. सरकार ने उनकी प्राथमिकता तय की है.
क्या विदेश मंत्री हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सीएम उमर अब्दुल्ला को बताया है कि मंत्रालय रोजाना हालात की समीक्षा कर रहा है. जमीन पर क्या हो रहा है इसकी रिपोर्ट आ रही है. किस रास्ते से निकालना है इसकी योजना बन रही है. सरकार हर भारतीय की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मान रही है. अनुमान है कि इस समय ईरान में लगभग दस हजार भारतीय मौजूद हैं. इनमें छात्र व्यापारी और पर्यटक शामिल हैं. कई लोग वहां काम के सिलसिले में हैं. दूतावास सभी से संपर्क कर रहा है. लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी जा रही है.
क्या भारतीय दूतावास ने नई चेतावनी जारी की है
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने नई एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि भारतीय नागरिक बिना जरूरी कारण बाहर न निकलें. जो लौट सकते हैं वे तुरंत देश छोड़ें. सभी से कहा गया है कि वे दूतावास के संपर्क में रहें. यह चेतावनी खतरे की गंभीरता दिखाती है. हजारों लोगों को युद्ध जैसे हालात से निकालना आसान नहीं होता. हवाई अड्डे बंद हो सकते हैं. सड़कों पर हिंसा हो सकती है. फिर भी भारत सरकार अपने नागरिकों को अकेला नहीं छोड़ेगी. यह ऑपरेशन भारत की जिम्मेदारी और वैश्विक छवि दोनों के लिए अहम होगा.

























