चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि उनके खिलाफ जानबूझकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि वे गुरु साहिबानों की शिक्षाओं में विश्वास रखते हैं। सभी इंसान बराबर हैं, यही उनकी सोच है। उन्होंने कभी जाति या बिरादरी पर टिप्पणी नहीं की। उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। यह उनकी छवि खराब करने की कोशिश है। सच्चाई जल्द सामने आएगी।
क्या चमकौर साहिब से जुड़ाव बड़ा संदेश है?
चन्नी ने कहा कि वे चमकौर साहिब की पावन धरती से जुड़े हैं। यह धरती बलिदान और समानता की पहचान है। वहां से जुड़ा व्यक्ति किसी समुदाय के खिलाफ नहीं सोच सकता। पंजाब की संस्कृति जोड़ने वाली है। उन्होंने कहा कि यही सोच उनकी राजनीति की नींव है।
क्या उनका सार्वजनिक जीवन बराबरी पर आधारित रहा?
चन्नी ने कहा कि उनका पूरा सार्वजनिक जीवन सामाजिक समानता पर टिका रहा है। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने हर वर्ग की सुनी। गरीब, किसान और मजदूर हमेशा प्राथमिकता में रहे। राजनीति समाज को जोड़ने के लिए होती है। उन्होंने कभी विभाजन की राजनीति नहीं की।
कांग्रेस पार्टी पर क्या बोले चन्नी?
उन्होंने कांग्रेस पार्टी का आभार जताया। कहा कि पार्टी ने उन्हें जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने हर पद पर जनता की आवाज उठाई। सांसद रहते हुए भी पंजाब के मुद्दे संसद में मजबूती से रखे। पार्टी के भरोसे पर खरे उतरने की कोशिश की।
क्या संसद में पंजाब की आवाज बने?
चन्नी ने बताया कि उन्होंने संसद में किसानों और खेत मजदूरों के मुद्दे उठाए। जमीनी समस्याओं को प्राथमिकता दी। विरोध भी किया, लेकिन जिम्मेदारी के साथ। किसी भी किसान के खिलाफ सख्त कदम का समर्थन नहीं किया।
क्या एकता से सत्ता का रास्ता खुलेगा?
उन्होंने कहा कि पंजाब विविधताओं से भरा है। सबको साथ लेकर चलना जरूरी है। इससे पार्टी मजबूत होगी। अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा कि सच्चाई सादा होती है। वे उसी के साथ खड़े हैं।

























