देशभर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी थी।ऐसे समय किसी भी खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।नागौर में मिली सूचना ने एजेंसियों को सतर्क किया।पुलिस ने देरी किए बिना कदम उठाया।फार्म हाउस की घेराबंदी की गई।खतरनाक सामग्री सामने आई।एक बड़ा हादसा टल गया। यह कार्रवाई थांवला थाना क्षेत्र में हुई।हरसौर गांव के एक फार्म हाउस को निशाना बनाया गया।वहां बने एक मकान में सामग्री छिपाई गई थी।बाहर से सब कुछ सामान्य दिख रहा था।किसी को शक न हो ऐसा इंतजाम था।खुफिया सूचना ने राज खोला।पुलिस ने तुरंत छापा मारा।
कितनी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ?
मौके से करीब 9550 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला।यह सामग्री 187 बोरियों में भरी हुई थी।इसके साथ डेटोनेटर भी जब्त किए गए।नीले और लाल रंग के फ्यूज तार मिले।विस्फोट करने का पूरा सामान मौजूद था।इसे अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी माना जा रहा है।पुलिस के लिए यह बड़ी सफलता है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सुलेमान खान के रूप में हुई।वह हरसौर गांव का निवासी है।पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम पहले से दर्ज है।उसके खिलाफ तीन मामले पहले से हैं।वह लंबे समय से अवैध गतिविधियों में शामिल रहा।पूछताछ में अहम जानकारियां मिली हैं।पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
विस्फोटक सामग्री कहां सप्लाई की जानी थी?
प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है।आरोपी खनन से जुड़े लोगों को सामग्री देता था।वैध और अवैध दोनों तरह की सप्लाई सामने आई।यह सामग्री बेहद खतरनाक थी।गलत हाथों में पहुंच सकती थी।बड़ा नुकसान हो सकता था।पुलिस ने समय रहते रोक लगा दी।मामला विस्फोटक अधिनियम के तहत दर्ज हुआ है।जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है।केंद्रीय एजेंसियों को जानकारी भेजी गई है।राज्य से बाहर के लिंक खंगाले जाएंगे।किसी बड़े गिरोह की आशंका है।पूछताछ और तेज होगी।जांच लंबी चल सकती है।
अमोनियम नाइट्रेट अत्यंत घातक पदार्थ है।पहले भी कई बड़े धमाकों में इसका इस्तेमाल हुआ।इसकी अवैध बिक्री गंभीर खतरा है।इसी कारण इस पर सख्त नियंत्रण है।सुरक्षा एजेंसियां हमेशा सतर्क रहती हैं।एक छोटी चूक भारी तबाही ला सकती है।इसलिए यह कार्रवाई बेहद जरूरी थी।

























