चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रधान और कैबिनेट मंत्री Aman Arora ने मजीठिया की जमानत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जमानत को बेगुनाही बताना जनता को गुमराह करना है। यह राहत केवल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे आरोप खत्म नहीं होते। अदालत ने किसी तरह की क्लीन चिट नहीं दी है। केस अभी जीवित है। अब सबूतों की असली परीक्षा कोर्ट में होगी।
क्या जमानत केस की मजबूती पर?
अमन अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि जमानत तकनीकी आधारों पर मिली है। यह हिरासत की अवधि और प्रक्रियागत औपचारिकताओं से जुड़ी है। मामले की गुणवत्ता पर अदालत ने फैसला नहीं दिया। आरोपों को खारिज नहीं किया गया है। जांच की दिशा पर कोई सवाल नहीं उठा। कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। अंतिम सच अदालत तय करेगी।
मजीठिया पर आरोप कितने गंभीर?
मामले में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। आरोप है कि आय से अधिक संपत्ति बनाई गई। जांच में वित्तीय लेनदेन की गहराई से पड़ताल हुई। कई संपत्तियों और निवेशों की जांच की गई। दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए गए। सरकार का कहना है कि मामला हल्का नहीं है। आरोपों की गंभीरता बरकरार है।
जांच एजेंसियों ने क्या किया?
अरोड़ा ने कहा कि विजिलेंस ब्यूरो ने व्यापक जांच पूरी की है। जांच में ज्ञात आय से सैकड़ों करोड़ की संपत्ति सामने आई है। हजारों पन्नों की चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है। यह कागजों और आंकड़ों पर आधारित केस है। कोई अधूरा काम नहीं छोड़ा गया। साक्ष्य अदालत के रिकॉर्ड में हैं। अब न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
मीडिया ट्रायल से दूरी क्यों?
उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया को राजनीतिक दबाव से दूर रखा जा रहा है। ट्रायल कोर्ट ने मीडिया रिपोर्टिंग पर साफ पाबंदियां लगाई हैं। मकसद निष्पक्ष सुनवाई है। सरकार मीडिया ट्रायल में विश्वास नहीं रखती। कानून का रास्ता शोर से तय नहीं होता। सबूत बोलेंगे, बयान नहीं। यही लोकतंत्र की सही कसौटी है।
जमानत की शर्तें क्या बताती हैं?
Bikram Singh Majithia पर जमानत की सख्त शर्तें लागू हैं। वह देश छोड़कर नहीं जा सकता। गवाहों को प्रभावित नहीं कर सकता। हर सुनवाई में पेश होना अनिवार्य है। यह केस की गंभीरता दिखाता है। जमानत पूरी आज़ादी नहीं है। अदालत की निगरानी बनी रहेगी। प्रक्रिया सख्त है।
सरकार का अंतिम संदेश क्या?
आम आदमी पार्टी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई है। प्रभावशाली होना किसी के लिए ढाल नहीं बनेगा। जिसने पंजाब को नुकसान पहुंचाया है उसे जवाब देना होगा। नशे और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। जमानत से सरकार का रुख नहीं बदलेगा। अदालत में सच की जीत पर भरोसा है। पंजाब को ड्रामा नहीं इंसाफ चाहिए।

























