13 फरवरी को जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से हराया। यह बड़ा उलटफेर माना गया। इससे 2007 टी20 वर्ल्ड कप की याद ताजा हो गई। उस समय भी जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया था। बाद में भारत ने खिताब जीता था। अब 2026 में फिर वही स्थिति बन गई है। इसलिए इसे शुभ संयोग माना जा रहा है। भारत ने अपने दोनों शुरुआती मैच जीत लिए हैं। टीम का प्रदर्शन संतुलित दिख रहा है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी मजबूत है। सूर्याकुमार यादव की कप्तानी चर्चा में है। टीम को खिताब का बड़ा दावेदार माना जा रहा है। फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि इतिहास दोहराया जा सकता है।
क्या जिम्बाब्वे का रिकॉर्ड खास है?
टी20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रिकॉर्ड 100 प्रतिशत है। उसने दोनों मुकाबले जीते हैं। यह दूसरी बार हुआ है। इस कारण संयोग की चर्चा बढ़ी है। फैंस इसे खास मान रहे हैं। भारत ने नामीबिया को 93 रनों से हराया। इस मैच में सूर्याकुमार यादव 12 रन बनाकर स्टंप आउट हुए। दिलचस्प बात यह है कि पहले भी जब कप्तान स्टंप आउट हुए हैं, टीम फाइनल तक पहुंची है। कई बार खिताब भी जीता है। इसलिए यह संयोग चर्चा में है।
क्या इतिहास इसका समर्थन करता है?
2000 चैंपियंस ट्रॉफी में सौरव गांगुली स्टंप आउट हुए थे। भारत फाइनल तक पहुंचा था। 2011 वर्ल्ड कप में एमएस धोनी स्टंप आउट हुए और भारत चैंपियन बना। 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में रोहित शर्मा स्टंप आउट हुए और टीम फाइनल पहुंची। अब 2026 में फिर ऐसा हुआ है।
क्या फैंस में उत्साह बढ़ा है?
इन तथ्यों से फैंस के बीच चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर बहस जारी है। लोग कह रहे हैं कि इतिहास खुद को दोहरा सकता है। हालांकि असली फैसला मैदान पर होगा। फिर भी ऐसे संयोग रोमांच बढ़ाते हैं। टीम इंडिया फिलहाल मजबूत स्थिति में है। अगर फॉर्म बरकरार रही तो उम्मीद बढ़ेगी। हर मैच चुनौती है। संयोग केवल चर्चा बढ़ाते हैं। असली जीत प्रदर्शन तय करेगा। अब सबकी नजरें आगे के मुकाबलों पर हैं।

























