एक इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या वह किसी क्रिकेटर की बायोपिक करना चाहेंगे तो उन्होंने तुरंत युवराज सिंह का नाम लिया और कहा कि उनकी जिंदगी रोलरकोस्टर जैसी रही है और दुनिया को उनकी कहानी जरूर जाननी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि यह सिर्फ एक किरदार नहीं बल्कि एक भावना है। सिद्धांत ने बताया कि वह कई सालों से इस इच्छा को दोहरा रहे हैं। उन्होंने इसे अपना ‘मैनिफेस्ट’ भी बताया। उनका मानना है कि ऐसी कहानियां पीढ़ियों को प्रेरित करती हैं।
क्या युवराज की यात्रा प्रेरणादायक है?
सिद्धांत ने कहा कि 2007 टी20 वर्ल्ड कप में छह छक्कों से लेकर 2011 वर्ल्ड कप में अहम योगदान और कैंसर से जंग तक युवराज की जिंदगी संघर्ष और जीत की मिसाल है जो बड़े पर्दे पर दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवराज ने सिर्फ मैदान पर नहीं, अस्पताल के कमरे में भी लड़ाई जीती। उनकी वापसी ने करोड़ों लोगों को हिम्मत दी। सिद्धांत मानते हैं कि यह कहानी खेल से कहीं बड़ी है। यह हौसले और उम्मीद की कहानी है।
क्या पहले भी क्रिकेटर का रोल निभाया?
सिद्धांत वेब सीरीज ‘इनसाइड एज’ में पहले ही एक क्रिकेटर की भूमिका निभा चुके हैं जहां उनकी ऊर्जा और स्क्रीन प्रेजेंस को काफी सराहा गया था और फैंस मानते हैं कि वह युवराज जैसे किरदार के लिए फिट बैठते हैं। उन्होंने उस किरदार के लिए क्रिकेट की ट्रेनिंग भी ली थी। मैदान के सीन में उनका आत्मविश्वास साफ दिखा था। दर्शकों ने उनकी बॉडी लैंग्वेज की तारीफ की थी। यही वजह है कि लोग उन्हें इस बायोपिक के लिए मजबूत दावेदार मान रहे हैं।
क्या फैंस में उत्साह बढ़ा?
सोशल मीडिया पर उनके बयान के बाद फैंस ने काफी उत्साह दिखाया और कई लोगों ने कहा कि अगर यह फिल्म बनती है तो सिद्धांत को ही युवराज का किरदार निभाना चाहिए क्योंकि उनकी पर्सनालिटी में समानता नजर आती है। कुछ यूजर्स ने उनकी तस्वीरें युवराज के साथ जोड़कर पोस्ट कीं। कई फैंस ने लिखा कि यह कास्टिंग परफेक्ट रहेगी। चर्चा कुछ ही घंटों में ट्रेंड करने लगी। फैंस अब आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
क्या क्रिकेट बायोपिक का ट्रेंड जारी है?
हाल के वर्षों में खेल आधारित बायोपिक्स को दर्शकों ने पसंद किया है और इंडस्ट्री में ऐसे प्रोजेक्ट्स को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है जिससे युवराज की संभावित फिल्म के लिए माहौल अनुकूल दिख रहा है। क्रिकेटरों की जिंदगी पर बनी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया है। दर्शक असली कहानियां देखना पसंद कर रहे हैं। निर्माताओं के लिए भी यह सुरक्षित जॉनर माना जा रहा है। ऐसे में युवराज की कहानी पर फिल्म बनना संभव लगता है।
क्या सपना सच होगा?
फिलहाल युवराज सिंह की कोई आधिकारिक बायोपिक घोषित नहीं हुई है लेकिन सिद्धांत का यह खुला मैनिफेस्ट चर्चा का विषय बन गया है और आने वाले समय में यह सपना हकीकत बन सकता है। अगर प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलती है तो यह बड़ा सिनेमाई इवेंट होगा। सिद्धांत ने संकेत दिया है कि वह इसके लिए तैयार हैं। अब फैसला निर्माताओं और खुद युवराज पर निर्भर करेगा। दर्शक उम्मीद लगाए बैठे हैं कि यह कहानी बड़े पर्दे तक पहुंचे।

























