मिडिल ईस्ट में हालात पिछले कुछ समय से तनाव भरे बने हुए हैं।होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नजर रखी जा रही है।यहीं से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है।भारत भी काफी तेल बाहर से मंगाता है।इसी वजह से सरकार पहले से तैयारी कर रही है।ऊर्जा की कमी न हो इसलिए कदम उठाए गए हैं।सरकार कह रही है कि फिलहाल देश में घबराने की जरूरत नहीं है।
क्या गैस सप्लाई पर संकट?
सरकार का कहना है कि देश में गैस की कमी नहीं है।भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर देश है।कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा यहां रिफाइन किया जाता है।घरेलू उत्पादन भी धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है।सरकार के मुताबिक उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।यानी फिलहाल घरों में गैस पहुंचती रहेगी।लेकिन व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियम बदले गए हैं।
नया सिलेंडर नियम क्या है?
अब गैस सिलेंडर की बुकिंग पहले जैसी नहीं होगी।सरकार ने बुकिंग के बीच समय तय कर दिया है।शहरों में अगला सिलेंडर बुक करने से पहले 25 दिन का इंतजार करना होगा।गांवों के लिए यह समय और ज्यादा रखा गया है।ग्रामीण इलाकों में अब 45 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक होगा।सरकार का कहना है इससे जमाखोरी रुकेगी।और हर घर तक गैस पहुंच सकेगी।
शहर गांव नियम अलग क्यों?
सरकार का तर्क है कि शहरों और गांवों की जरूरत अलग होती है।शहरों में गैस की सप्लाई तेज रहती है।डिस्ट्रिब्यूटर भी ज्यादा होते हैं।लेकिन गांवों में डिलीवरी में समय लगता है।कई बार सिलेंडर दूर-दराज इलाकों में पहुंचता है।इसलिए वहां लंबा अंतराल रखा गया है।सरकार कहती है इससे सप्लाई संतुलित रहेगी।
क्या फिर लौटेगा मिट्टी तेल?
सरकार ने केरोसिन को लेकर भी संकेत दिए हैं।जरूरत पड़ने पर केरोसिन की सप्लाई बढ़ाई जाएगी।करीब 48 हजार लीटर केरोसिन रिजर्व रखने की योजना है।पहले कई राज्यों में केरोसिन कम कर दिया गया था।लेकिन अब आपात स्थिति में इसे फिर बढ़ाया जा सकता है।सरकार चाहती है कि किसी घर में चूल्हा बंद न हो।इसलिए वैकल्पिक इंतजाम भी तैयार किए जा रहे हैं।
ऊर्जा सुरक्षा कैसे मजबूत होगी?
सरकार ने रिफाइनरियों को साफ निर्देश दिए हैं।उत्पादन लगातार बढ़ाया जा रहा है।कोयले की उपलब्धता भी ज्यादा रखी जा रही है।पेट्रोलियम मंत्रालय हालात पर नजर बनाए हुए है।अंतरराष्ट्रीय बाजार की हर हलचल देखी जा रही है।जरूरत पड़ने पर और फैसले भी लिए जा सकते हैं।ऊर्जा सुरक्षा को अब राष्ट्रीय प्राथमिकता माना जा रहा है।
लोगों को घबराने की जरूरत?
सरकार ने साफ कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है।देश में गैस की सप्लाई सामान्य बनी हुई है।लेकिन नियमों का पालन जरूरी होगा।एक साथ ज्यादा सिलेंडर लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।सरकार चाहती है कि हर घर तक बराबर गैस पहुंचे।अगर लोग संयम रखें तो किसी संकट की नौबत नहीं आएगी।और व्यवस्था ठीक तरह चलती रहेगी।

























