मोगा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली से पहले पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पंजाब AAP के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने केंद्र सरकार से सीधे सवाल किए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के 8300 करोड़ रुपये चार साल से रुके पड़े हैं। यह राशि RDF और MDF फंड की है। यह पैसा गांवों के विकास के लिए तय किया गया था। अमन अरोड़ा ने पूछा कि किस कानून के तहत यह पैसा रोका गया। पंजाब के लोग अब इसका साफ जवाब चाहते हैं।
जीएसटी से कितना नुकसान हुआ
अमन अरोड़ा ने जीएसटी के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद पंजाब को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। केंद्र ने केवल पांच साल तक ही मुआवजा दिया। उसके बाद पंजाब को लगभग 60 हजार करोड़ का घाटा उठाना पड़ा। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। अमन अरोड़ा ने पूछा कि इस नुकसान की भरपाई कैसे होगी। लोग जानना चाहते हैं कि केंद्र की योजना क्या है।
बाढ़ राहत का पैसा कब मिलेगा
पंजाब में आई भयानक बाढ़ का मुद्दा भी उठाया गया। अमन अरोड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 1600 करोड़ रुपये की राहत का ऐलान किया था। लेकिन यह पैसा अभी तक जारी नहीं हुआ। कई जिलों में लोगों के घर और फसलें बर्बाद हो गई थीं। बाढ़ से हजारों परिवार प्रभावित हुए थे। लोग अभी भी मुश्किल हालात में जी रहे हैं। अमन अरोड़ा ने कहा कि मोगा की रैली में इसका जवाब मिलना चाहिए।
पंजाब से उद्योग क्यों जा रहा
पंजाब के उद्योग की हालत पर भी सवाल उठाए गए। अमन अरोड़ा ने कहा कि पड़ोसी राज्यों को टैक्स छूट दी जा रही है। इसकी वजह से कई फैक्ट्रियां उन राज्यों में चली गई हैं। पंजाब के व्यापारी और उद्योगपति परेशान हैं। रोजगार के मौके भी कम हो रहे हैं। अमन अरोड़ा ने पूछा कि केंद्र पंजाब के उद्योग को बचाने के लिए क्या करेगा। यह सवाल हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
नशे की तस्करी कैसे रुकेगी
पंजाब में नशे का मुद्दा लंबे समय से चिंता का विषय है। अमन अरोड़ा ने कहा कि नशा अक्सर अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते आता है। कुछ मामलों में यह समुद्री बंदरगाहों के जरिए भी देश में पहुंचता है। ये बंदरगाह केंद्र सरकार के अधीन होते हैं। पंजाब सरकार नशे के खिलाफ अभियान चला रही है। लेकिन केंद्र की सख्त कार्रवाई भी जरूरी है। अमन अरोड़ा ने पूछा कि इस समस्या को रोकने के लिए केंद्र क्या कदम उठा रहा है।
मनरेगा बदलने की जरूरत क्यों
अमन अरोड़ा ने मनरेगा योजना को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह योजना गांवों के गरीब मजदूरों के लिए सहारा थी। लाखों परिवार इसी से अपनी रोजी चलाते थे। अब इस योजना को बदलने की बात की जा रही है। नई योजना के बारे में लोगों को साफ जानकारी नहीं है। इससे मजदूरों में चिंता बढ़ रही है। अमन अरोड़ा ने पूछा कि गरीब लोगों की सुरक्षा कैसे होगी।
महंगी गैस से बढ़ी परेशानी
एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमत भी बड़ा मुद्दा बन गई है। अमन अरोड़ा ने कहा कि कई जगहों पर लोग लंबी कतारों में खड़े दिखाई देते हैं। आम परिवार के लिए सिलेंडर खरीदना मुश्किल होता जा रहा है। बरनाला में कतार में खड़े एक व्यक्ति की मौत की खबर भी सामने आई। इससे लोगों में गुस्सा और चिंता बढ़ी है। अमन अरोड़ा ने कहा कि केंद्र को इस समस्या पर तुरंत कदम उठाने चाहिए।

























