देश में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनावी हलचल तेज हो गई है। तीन राज्यों में मतदान होगा, जबकि कई राज्यों में उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की संभावना बन रही है।
क्या आज से तेज हुई राजनीतिक दौड़?
देश की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। दस राज्यों की कुल सैंतीस राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया जारी है। कई जगह मतदान कराया जाएगा। वहीं कुछ राज्यों में उम्मीदवार बिना मुकाबले जीत सकते हैं। इससे राजनीतिक माहौल काफी गरम हो गया है। सभी दल अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटे हैं। क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए भी रणनीति बनाई जा रही है।
किन राज्यों में डाले जाएंगे वोट?
आज तीन राज्यों में असली मुकाबला देखने को मिलेगा। बिहार, ओडिशा और हरियाणा में कुल ग्यारह सीटों के लिए मतदान होगा। इन चुनावों पर पूरे देश की नजर टिकी है। यहां हर वोट अहम माना जा रहा है। पार्टियां अपने विधायकों के साथ लगातार बैठकें कर रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नतीजों का आगे की राजनीति पर असर पड़ सकता है।
किन राज्यों में बिना मुकाबले जीत?
कई राज्यों में मुकाबला लगभग खत्म हो चुका है। सात राज्यों की छब्बीस सीटों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, असम और छत्तीसगढ़ इसमें शामिल हैं। यहां दलों ने पहले ही राजनीतिक समीकरण बना लिए हैं। इसलिए मुकाबले की नौबत नहीं आई। कई नेता सीधे राज्यसभा पहुंचने वाले हैं।
बिहार में किसका पलड़ा भारी?
बिहार की पांच सीटें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। एनडीए गठबंधन यहां पूरी जीत का दावा कर रहा है। जेडीयू के नीतीश कुमार और भाजपा के नितिन नवीन जैसे नेता मैदान में हैं। उपेंद्र कुशवाहा भी उम्मीदवारों में शामिल हैं। दूसरी ओर विपक्ष भी सक्रिय है। आरजेडी अपने उम्मीदवार के समर्थन के लिए अन्य दलों से संपर्क कर रही है।
ओडिशा में क्यों बढ़ी हलचल?
ओडिशा में चार सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। यहां राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया। कांग्रेस का एक विधायक अचानक लापता हो गया था। पार्टी ने उसे नोटिस जारी किया। वहीं दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। आरोप है कि वे विधायकों को दल बदलने के लिए मनाने आए थे।
हरियाणा में क्यों शुरू हुई रिसॉर्ट राजनीति?
हरियाणा में दो सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। क्रॉस वोटिंग के डर से कांग्रेस ने अपने विधायकों को रिसॉर्ट में ठहराया। बाद में उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच दूसरी जगह ले जाया गया। जीत के लिए हर उम्मीदवार को 31 वोट चाहिए। इसलिए हर वोट बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या बदल सकता है राज्यसभा संतुलन?
234 सदस्यीय राज्यसभा में इस समय एनडीए के पास 134 सदस्य हैं। विपक्षी गठबंधन के पास लगभग 80 सीटें हैं। इस चुनाव के बाद आंकड़ों में बदलाव संभव है। सत्ता पक्ष अपनी ताकत और बढ़ाना चाहता है। विपक्ष भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

























