पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी सरकार के चार साल पूरे होने पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया।उन्होंने कहा कि अब हालात पहले जैसे नहीं रहे।जमीनी स्तर पर बदलाव साफ दिख रहा है।लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।सरकार लगातार काम कर रही है।अपराध पर नियंत्रण की कोशिशें तेज हुई हैं।राज्य में माहौल बेहतर होने का दावा किया गया।
नशे के खिलाफ क्या-क्या कदम उठे?
सरकार ने नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई।इस दौरान बड़ी संख्या में तस्करों को पकड़ा गया।हजारों केस दर्ज हुए।नशे की बड़ी खेपें जब्त की गईं।सरकार का कहना है कि अब नेटवर्क कमजोर हुआ है।नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
गैंगस्टरों पर कार्रवाई कितनी असरदार रही?
गैंगस्टरों के खिलाफ सरकार ने खास अभियान चलाया।एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स बनाई गई।इस टीम ने कई बड़े अपराधियों को पकड़ा।कई गैंगों का खुलासा हुआ।हथियार और गाड़ियां भी बरामद की गईं।पुलिस ने कई बड़े मामलों को सुलझाया।सरकार का दावा है कि इससे अपराध पर लगाम लगी है।
सीमा पर तस्करी रोकने में क्या बदला?
पंजाब की सीमा पाकिस्तान से लगती है।यहां ड्रोन के जरिए तस्करी होती थी।सरकार ने एंटी ड्रोन सिस्टम लगाया।अब ड्रोन गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।कई ड्रोन पकड़े गए हैं।हथियार भी बरामद हुए हैं।इससे तस्करी पर असर पड़ा है।सरकार इसे बड़ी सफलता बता रही है।
पुलिस सिस्टम में क्या सुधार हुए?
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस व्यवस्था को मजबूत किया गया है।नियमित भर्ती शुरू की गई है।नई फोर्स जोड़ी गई है।पुलिस को आधुनिक तकनीक दी गई है।सड़क सुरक्षा के लिए अलग फोर्स बनाई गई है।इससे कामकाज में तेजी आई है।लोगों को राहत मिलने की बात कही गई।
विपक्ष पर क्यों साधा गया निशाना?
भगवंत मान ने पिछली सरकारों पर भी सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि पहले अपराधियों को संरक्षण मिलता था।गैंगस्टरों को खुली छूट दी जाती थी।अब वही लोग सवाल उठा रहे हैं।सरकार ने कहा कि सच्चाई छिपाई नहीं जा सकती।हर किसी को जवाब देना होगा।
आगे सरकार का क्या है प्लान?
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सख्ती आगे भी जारी रहेगी।नशे के खिलाफ अभियान नहीं रुकेगा।कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी।सरकार और मजबूत कदम उठाएगी।पंजाब को सुरक्षित बनाना लक्ष्य है।लोगों का भरोसा बनाए रखना सबसे जरूरी बताया गया।

























