जालंधर में हैरान करने वाला मामला सामने आया।पंजाब आर्म्ड पुलिस का कर्मचारी फर्जी नाका लगाकर वसूली कर रहा था।वह सिविल कपड़ों में था।लोगों को रोककर पैसे मांग रहा था।यह सब खुलेआम सड़क पर हो रहा था।लोगों को शक हुआ तो मामला खुल गया।यह घटना सबको चौंका गई।
कैसे खुला पूरा फर्जी खेल
यह घटना नकोदर रोड की है।आरोपी अपने एक साथी के साथ खड़ा था।दोनों वाहन चालकों को रोक रहे थे।दस्तावेज जांच के नाम पर पैसे मांगे जा रहे थे।एक व्यक्ति से 700 रुपये मांगे गए।यहीं से विवाद शुरू हुआ।लोगों को लगा कुछ गड़बड़ है।
निहंग सिंह ने कैसे पकड़ा सच
उसी समय एक निहंग सिंह वहां पहुंचे।उन्हें भी रोकने की कोशिश हुई।उनके पास सभी कागज पूरे थे।फिर भी आरोपी उनसे उलझने लगा।निहंग सिंह को शक हो गया।उन्होंने सख्ती से सवाल पूछे।पुलिस बुलाने की बात कही।यहीं से आरोपी घबराने लगा।
साथी क्यों मौके से भागा
जैसे ही मामला बिगड़ने लगा।आरोपी का साथी डर गया।वह तुरंत कार में बैठकर भाग गया।आरोपी अकेला रह गया।उसके जवाब उलझने लगे।लोगों को पूरा शक हो गया।भीड़ जमा होनी शुरू हो गई।माहौल अचानक गर्म हो गया।
भीड़ ने क्यों उतारा गुस्सा
जैसे ही सच सामने आया।लोग भड़क गए।आरोपी को पकड़ लिया गया।भीड़ ने उसकी जमकर पिटाई की।वह अपना चेहरा छिपाता रहा।लेकिन लोगों का गुस्सा नहीं थमा।लोगों ने उसे घेर लिया।हालात काबू से बाहर हो गए।
पुलिस ने कैसे बचाया आरोपी
सूचना मिलते ही थाना लांबड़ा पुलिस पहुंची।काफी कोशिश के बाद आरोपी को छुड़ाया गया।उसे हिरासत में ले लिया गया।पुलिस ने मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की।पूरे मामले की जांच हो रही है।आरोपी से पूछताछ जारी है।
क्या पहले भी ऐसे मामले आए
जालंधर में यह पहला मामला नहीं है।पहले भी फर्जी नाके लगाकर वसूली की खबरें आई हैं।इससे पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।निगरानी सिस्टम पर भी उंगली उठ रही है।लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है।अब देखना होगा क्या कार्रवाई होती है।

























