धुरंधर के दूसरे पार्ट ने सिनेमाघरों में एंट्री कर ली है।लोगों ने फिल्म को देखा भी और सराहा भी।लेकिन एक बात साफ नजर आई।पहले पार्ट वाला जादू इस बार नहीं दिखा।सीक्वल में वही सीन दोहराए गए।फिर भी असर कमजोर रहा।यही बात चर्चा का कारण बन गई।
क्यों हो रही है तुलना
पहले पार्ट में अक्षय खन्ना की एंट्री ने कमाल कर दिया था।अरबी गाने पर उनका अंदाज लोगों को खूब पसंद आया।थिएटर में सीटियां और तालियां गूंजी थीं।वह सीन सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।अब उसी सीन को फिर से दिखाया गया।लेकिन इस बार वैसी प्रतिक्रिया नहीं मिली।
रणवीर क्यों नहीं बना पाए असर
दूसरे पार्ट में रणवीर सिंह ने वही रोल निभाया।उन्होंने उसी स्टाइल को कॉपी करने की कोशिश की।लुक, कॉस्ट्यूम और एंट्री सब कुछ वैसा ही रखा गया।लेकिन फिर भी वह कनेक्शन नहीं बन पाया।फैंस को कुछ कमी महसूस हुई।यही वजह है कि तुलना बढ़ गई।
क्या गाने ने भी किया निराश
पहले पार्ट में Fa9la गाना काफी हिट हुआ था।उसकी धुन और बीट लोगों के दिमाग में बस गई थी।इस बार Didi गाने का इस्तेमाल किया गया।लेकिन यह गाना वैसा असर नहीं छोड़ पाया।सीन के साथ गाने की ताकत कम लगी।यहीं से पूरा मूड थोड़ा कमजोर पड़ गया।
क्या कहानी ने भी असर डाला
दूसरे पार्ट की कहानी आगे बढ़ती है।रहमान डकैत की मौत के बाद नया किरदार आता है।हम्जा अली मजारी कहानी संभालता है।लेकिन दर्शकों को पुराना किरदार ज्यादा याद आता है।कहानी में नया मोड़ तो है।लेकिन भावनात्मक जुड़ाव थोड़ा कम दिखता है।
क्या फैंस की उम्मीद ज्यादा थी
पहले पार्ट की सफलता बहुत बड़ी थी।लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई थीं।हर कोई वैसा ही धमाका चाहता था।लेकिन जब वैसा असर नहीं मिला।तो निराशा दिखने लगी।सोशल मीडिया पर भी यही बात सामने आई।लोग तुलना करने लगे।
क्या फिर भी फिल्म देखनी चाहिए
फिल्म पूरी तरह खराब नहीं है।इसमें कई अच्छे सीन भी हैं।रणवीर सिंह ने मेहनत की है।लेकिन तुलना से बचना मुश्किल है।अगर पहले पार्ट से अलग सोच























