पंजाब में ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान अब सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं है। इसका असर अब जमीन पर साफ दिखने लगा है। सरकार ने इलाज, पुनर्वास और रोजगार को एक साथ जोड़कर काम शुरू किया है। नशे में फंसे युवा अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। समाज में उम्मीद का माहौल बन रहा है। लोग बदलाव को महसूस कर रहे हैं। यह अभियान नई दिशा देता नजर आ रहा है।
क्या नौकरी ने सच में जिंदगी बदल दी?
अभिषेक कुमार की कहानी इस बदलाव को साफ दिखाती है। वह कभी नशे की वजह से पूरी तरह टूट चुके थे। रोजमर्रा के काम भी उनके लिए मुश्किल हो गए थे। परिवार को भी चिंता रहती थी। लेकिन अब वह एक स्थिर नौकरी कर रहे हैं। परिवार के साथ दोबारा जुड़ गए हैं। उनका कहना है कि नौकरी मिलने के बाद जिंदगी पूरी तरह बदल गई।
क्या परिवार का साथ बदलाव की शुरुआत बनता है?
नवदीप कुमार के लिए बदलाव की शुरुआत उनके घर से हुई। घर में लगातार झगड़े और दूरी बढ़ गई थी। इससे उन्हें नशे के नुकसान का एहसास हुआ। उनकी मां ने उन्हें समझाया और सहारा दिया। इलाज पूरा होने के बाद उन्हें रोजगार मिला। अब वह निजी क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि नौकरी ने जीवन में अनुशासन और उद्देश्य वापस दिया।
क्या रिकवरी के साथ सम्मान भी लौटता है?
गुरजिंदर सिंह की कहानी रिकवरी का दूसरा पहलू दिखाती है। नशे ने उनकी सेहत को नुकसान पहुंचाया था। परिवार का भरोसा भी टूट गया था। लेकिन पुनर्वास और परिवार के सहयोग से वह धीरे-धीरे ठीक हुए। अब वह नौकरी कर रहे हैं। उनकी सेहत सुधर रही है। परिवार के रिश्ते भी बेहतर हो गए हैं। उन्हें समाज में सम्मान भी वापस मिला है।
क्या सिर्फ इलाज से बदलाव संभव है?
इस अभियान में सिर्फ इलाज ही नहीं किया जा रहा है। काउंसलिंग और पुनर्वास को भी साथ जोड़ा गया है। इसके बाद रोजगार की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि बिना आर्थिक स्थिरता के रिकवरी अधूरी रहती है। इसलिए युवाओं को काम से जोड़ना जरूरी है। यह पूरी प्रक्रिया एक साथ चल रही है।
क्या सरकार की रणनीति सही दिशा में है?
सरकार की रणनीति एक मजबूत मॉडल बनकर सामने आ रही है। इसमें नशा छुड़ाने के साथ व्यक्ति को समाज से जोड़ने पर जोर है। आर्थिक रूप से मजबूत बनाना भी लक्ष्य है। रोजगार इस पूरी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। इससे आत्मनिर्भरता बढ़ती है। व्यक्ति का आत्मविश्वास लौटता है। समाज में उसकी जगह फिर बनती है।
क्या यह युवाओं के लिए बड़ी सीख है?
इन कहानियों से साफ संदेश मिलता है कि नशा जीवन को बर्बाद कर सकता है। इससे बाहर निकलना मुश्किल जरूर है, लेकिन संभव है। सही समय पर मदद जरूरी है। नौकरी एक नई शुरुआत देती है। इससे सम्मान और पहचान वापस मिलती है। परिवार भी साथ जुड़ता है। यही इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता है।

























