ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन को निशाना बनाते हुए क्रूज मिसाइलें दागी हैं। ईरानी नौसेना के मुताबिक कादर मिसाइलों ने जहाज को अपनी जगह बदलने पर मजबूर कर दिया। तेहरान का कहना है कि यह कार्रवाई उसकी रक्षा रणनीति का हिस्सा है। ईरान लगातार अमेरिकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। यह दावा हालात को और गंभीर बना रहा है। हालांकि अमेरिका ने इस पर अलग प्रतिक्रिया दी है। सच्चाई को लेकर स्थिति साफ नहीं है।
क्या ईरान की निगरानी और हमले की चेतावनी बढ़ रही है?
ईरानी नौसेना प्रमुख ने कहा है कि अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जैसे ही अमेरिकी बेड़ा मिसाइल रेंज में आएगा उस पर और हमले किए जाएंगे। ईरान ने सरकारी टीवी पर भी यह संदेश दोहराया है। यह बयान सीधी सैन्य चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। इससे तनाव और बढ़ सकता है। ईरान अपनी सैन्य तैयारी दिखाना चाहता है। यह संकेत बेहद गंभीर माने जा रहे हैं।
क्या ईरानी मीडिया ने भी सबूत पेश किए हैं?
ईरानी मीडिया ने इस हमले से जुड़े वीडियो और तस्वीरें जारी करने का दावा किया है। तेहरान का कहना है कि अमेरिकी जहाज उसके जल क्षेत्र के करीब आ रहा था इसलिए उसे निशाना बनाया गया। इन दावों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि स्वतंत्र रूप से इनकी पुष्टि नहीं हुई है। यह भी कहा जा रहा है कि यह मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति हो सकती है। सच क्या है यह अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
क्या ट्रंप के फैसले को ईरान ने कमजोरी बताया है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को कुछ समय के लिए टाल दिया था। इस फैसले को ईरान ने अमेरिका की कमजोरी बताया है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि यह सिर्फ दिखावा है। उनका कहना है कि अमेरिका अब पहले जैसा मजबूत नहीं रहा। यह बयान दोनों देशों के बीच बयानबाजी को और तेज कर रहा है। कूटनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों पक्ष एक दूसरे पर दबाव बनाने में लगे हैं।
क्या अमेरिका ने ईरान के दावे को खारिज किया है?
अमेरिका ने ईरान के हमले के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि अब्राहम लिंकन पूरी तरह सुरक्षित है। किसी भी तरह की मिसाइल उसके करीब नहीं पहुंची। अमेरिका ने इन दावों को गलत बताया है। इससे साफ है कि दोनों देशों के बयान अलग-अलग हैं। सच्चाई को लेकर भ्रम बना हुआ है। यह स्थिति और तनाव पैदा कर रही है।
क्या मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ सकते हैं?
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों देश अपनी सैन्य ताकत दिखा रहे हैं। ईरान ने साफ कहा है कि वह अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। वहीं अमेरिका भी सतर्क बना हुआ है। यह टकराव किसी बड़े संघर्ष में बदल सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस पर बनी हुई है। हालात बेहद संवेदनशील हो चुके हैं।
क्या यह टकराव आगे और खतरनाक हो सकता है?
दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। किसी भी छोटी घटना से बड़ा संघर्ष भड़क सकता है। यह सिर्फ दो देशों का मामला नहीं है बल्कि पूरी दुनिया पर असर डाल सकता है। ऊर्जा और व्यापार पर भी प्रभाव पड़ सकता है। आने वाले दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं। दुनिया की नजर इस टकराव पर टिकी है। यह स्थिति अभी थमती नजर नहीं आ रही है।

























