इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के नौसेना प्रमुख को मार गिराया गया है। इस अधिकारी का नाम अलीरेजा तंगसिरी बताया गया है। यह हमला इजरायली सेना ने किया। दावा है कि यह ऑपरेशन बहुत सटीक था। इस खबर के बाद इलाके में हलचल बढ़ गई। लोग इस दावे की सच्चाई पर भी नजर रख रहे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का बहुत अहम रास्ता है। यहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है। अगर यह रास्ता बंद होता है तो बड़ी दिक्कत होती है। कई देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है। तेल के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं। यही वजह है कि हर देश इस पर नजर रखता है। इस इलाके में तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।
क्या ईरान ने सच में रास्ता रोका?
ईरान ने पहले इस रास्ते को बंद करने की बात कही थी। इसी वजह से तनाव और बढ़ा। कई जहाजों को खतरा महसूस हुआ। कुछ समय तक आवाजाही भी प्रभावित रही। दुनिया के बड़े देश सतर्क हो गए। अमेरिका भी इस मामले में एक्टिव दिखा। अब इस घटना के बाद स्थिति और नाजुक हो गई है।
इजरायल का ऑपरेशन कितना बड़ा?
नेतन्याहू ने कहा कि यह हमला बहुत सोच-समझकर किया गया। इसमें बड़े सैन्य अधिकारी को निशाना बनाया गया। इजरायल के रक्षा मंत्री ने भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि कई अन्य अधिकारी भी मारे गए। यह कार्रवाई ईरान की रणनीति को रोकने के लिए की गई। इजरायल लगातार हमले कर रहा है। यह संकेत है कि टकराव अभी थमने वाला नहीं है।
क्या अमेरिका भी इसमें शामिल है?
नेतन्याहू ने अमेरिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच तालमेल है। इसका मतलब है कि रणनीति साझा हो सकती है। अमेरिका पहले भी इजरायल का समर्थन करता रहा है। इस मामले में भी उसकी नजर बनी हुई है। इससे ईरान पर दबाव बढ़ सकता है। लेकिन इससे तनाव और बढ़ने का खतरा भी है।
इजरायल पर कितने हमले हुए?
इस बीच इजरायल पर भी हमले हुए हैं। ईरान और लेबनान की तरफ से मिसाइलें दागी गईं। कई जगह सायरन बजने लगे। लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा। ड्रोन हमलों की भी खबर आई। इन हमलों में कई लोग घायल हुए हैं। हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
आगे क्या हो सकता है बड़ा असर?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आगे क्या होगा। क्या यह संघर्ष और बढ़ेगा। या कोई बीच का रास्ता निकलेगा। तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। दुनिया भर के बाजार प्रभावित हो सकते हैं। आम लोगों पर भी इसका असर पड़ेगा। फिलहाल हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

























