कर्नाटक विधानसभा में एक अलग ही मुद्दा उठ गया। IPL शुरू होने से पहले टिकट को लेकर बहस छिड़ गई। कई विधायकों ने खुलकर अपनी मांग रखी। उन्होंने कहा कि वे VIP हैं। उन्हें लाइन में खड़ा होना सही नहीं लगता। यह बात जैसे ही बाहर आई तो चर्चा तेज हो गई। आम लोग भी इस पर अपनी राय देने लगे।
क्या सच में लाइन में नहीं लगेंगे विधायक?
विधायकों ने साफ कहा कि वे आम लोगों जैसे नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्हें अलग सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने KSCA से खास इंतजाम की मांग की। कई विधायकों ने कहा कि लाइन में खड़े होना उनके पद के खिलाफ है। इस बयान ने लोगों को चौंका दिया। सोशल मीडिया पर भी इस पर बहस शुरू हो गई।
KSCA पर क्यों भड़के विपक्ष नेता?
विपक्ष के नेता आर अशोका ने KSCA पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि संघ को सस्ती जमीन दी गई है। फिर भी वह टिकट के लिए पैसे मांग रहा है। उन्होंने कहा कि यह सही नहीं है। उन्होंने सरकार से भी सवाल पूछा। कि जब इतना पैसा है तो नई मदद क्यों दी जा रही है। उनका बयान काफी सख्त था।
क्या चार टिकट की मांग जायज है?
विधायकों की एक और बड़ी मांग सामने आई। उन्होंने कहा कि उन्हें एक नहीं चार टिकट मिलने चाहिए। उनका तर्क है कि वे परिवार के साथ मैच देखना चाहते हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने भी इस पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सुलझाया जाना चाहिए। इससे मामला और गर्म हो गया।
सरकार ने क्या दिया आश्वासन?
उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वे खुद KSCA से बात करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाधान निकलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे संघ के सदस्य हैं। इसलिए बातचीत आसान हो सकती है। उनके बयान से विधायकों को थोड़ी राहत मिली।
क्या कांग्रेस विधायक ने भी दोहराई मांग?
कांग्रेस विधायक विजयानंद कशप्पनवर ने भी यही बात कही। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए खुद को VIP बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें लाइन में नहीं लगना चाहिए। उनका बयान भी तेजी से वायरल हुआ। इससे विवाद और बढ़ गया। अब यह मुद्दा सिर्फ विधानसभा तक सीमित नहीं रहा।
आगे क्या होगा इस पूरे विवाद का?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आगे क्या होगा। क्या KSCA विधायकों की मांग मानेगा। या फिर यह विवाद और बढ़ेगा। सरकार और क्रिकेट संघ के बीच बातचीत हो सकती है। आम जनता भी इस पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल यह मुद्दा राजनीति और खेल दोनों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

























