पश्चिमी खुफिया एजेंसियों ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि रूस ईरान को मदद भेज रहा है। इसमें ड्रोन और हथियार शामिल हैं। साथ ही दवाइयां और खाने का सामान भी बताया गया है। यह सप्लाई धीरे-धीरे भेजी जा रही है। ताकि किसी को शक न हो। इस खबर ने दुनिया का ध्यान खींच लिया है।
क्या हमलों के बाद शुरू हुई डील?
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सब अचानक नहीं हुआ। फरवरी में तेहरान पर हमले हुए थे। इसके बाद रूस और ईरान के बीच बातचीत तेज हुई। ड्रोन ट्रांसफर पर चर्चा शुरू हुई। मार्च की शुरुआत में यह प्रक्रिया आगे बढ़ी। महीने के अंत तक इसे पूरा करने की बात कही जा रही है। इससे संकेत मिलते हैं कि तैयारी पहले से थी।
क्या यह पहली सीधी सैन्य मदद है?
अगर यह दावा सही साबित होता है तो बड़ा बदलाव होगा। पहली बार रूस सीधे सैन्य मदद देता दिखेगा। हालांकि पहले भी रूस मदद करता रहा है। वह खुफिया जानकारी और सैटेलाइट डेटा देता रहा है। टारगेटिंग में भी सहयोग करता रहा है। लेकिन खुली सैन्य सप्लाई अलग बात है। इससे संघर्ष का स्तर बदल सकता है।
क्या रूस ने इन आरोपों को नकारा?
रूस ने इन सभी दावों को खारिज किया है। क्रेमलिन ने इसे फर्जी खबर बताया है। प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने साफ कहा कि गलत जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने माना कि बातचीत जरूर हो रही है। लेकिन हथियार सप्लाई से इनकार किया। इससे मामला और उलझ गया है।
क्या मानवीय मदद का बहाना है?
रूस ने मानवीय मदद की बात स्वीकार की है। उसने मेडिकल सप्लाई भेजने की पुष्टि की है। बताया गया कि 20 मिलियन डॉलर की सहायता भेजी गई। यह मदद अजरबैजान के रास्ते पहुंची। रूस का कहना है कि वह इंसानी आधार पर मदद कर रहा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या इसके पीछे कुछ और भी है।
क्या ड्रोन युद्ध में आगे है ईरान?
ईरान इस जंग में ड्रोन का ज्यादा इस्तेमाल कर रहा है। बताया गया कि 3000 से ज्यादा ड्रोन तैनात किए गए हैं। ये ड्रोन सस्ते और असरदार हैं। बड़ी संख्या में बनाए जा सकते हैं। इसी वजह से युद्ध में इनकी अहम भूमिका बन गई है। इससे दुश्मन को लगातार दबाव में रखा जा सकता है।
क्या रूस को भी मिल रहा फायदा?
इस पूरे संघर्ष में रूस को फायदा भी मिल रहा है। होर्मुज स्ट्रेट पर असर पड़ा है। इससे तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। दुनिया में तेल की मांग बढ़ी है। रूसी तेल की डिमांड भी बढ़ी है। अमेरिका ने कुछ देशों को छूट दी है। इससे रूस को आर्थिक लाभ मिला है। अब दुनिया की नजर इस पूरे खेल पर टिकी है।

























