यह मंजूरी राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में दी गई। सरकार का कहना है कि इस फैसले से सेना की तैयारियां पहले से ज्यादा मजबूत होंगी। साथ ही इस वित्तीय वर्ष में रक्षा खरीद से जुड़े फैसले रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, जो सुरक्षा नीति में तेजी को दिखाते हैं।
सेना के लिए क्या-क्या मिलेगा?
भारतीय सेना को आधुनिक बनाने के लिए कई अहम सिस्टम को मंजूरी दी गई है। इनमें एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम शामिल है, जो हवाई हमलों का तुरंत पता लगाने में मदद करेगा। इसके अलावा टैंक रोधी गोला-बारूद, हाई कैपेसिटी रेडियो रिले सिस्टम और धनुष तोप प्रणाली को भी स्वीकृति मिली है। ये सभी सिस्टम युद्धक्षेत्र में सेना की ताकत को कई गुना बढ़ाएंगे।
क्या निगरानी और संचार होगा बेहतर?
नई मंजूरियों में रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम भी शामिल है। इससे अलग-अलग इलाकों में निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने की क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही सुरक्षित और तेज संचार के लिए आधुनिक रेडियो सिस्टम भी सेना को दिए जाएंगे, जिससे ऑपरेशन और ज्यादा प्रभावी बनेंगे।
वायुसेना को क्या मिलेगा फायदा?
इन प्रस्तावों में मध्यम परिवहन विमान, S-400 मिसाइल प्रणाली और स्ट्राइक ड्रोन की खरीद शामिल है। इनसे वायुसेना की पहुंच, हवाई सुरक्षा और सटीक हमले की क्षमता में बड़ा सुधार होगा। खासकर S-400 सिस्टम दुश्मन के हवाई हमलों से मजबूत सुरक्षा प्रदान करेगा।
क्या यह सिर्फ खरीद या रणनीति?
सरकार का कहना है कि यह सिर्फ हथियार खरीद नहीं, बल्कि एक व्यापक रक्षा रणनीति का हिस्सा है। इससे भारत की मारक क्षमता बढ़ेगी और युद्ध की स्थिति में प्रतिक्रिया देने की ताकत मजबूत होगी। साथ ही इन फैसलों से स्वदेशी रक्षा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
आगे क्या असर दिखेगा?
इन मंजूरियों का असर आने वाले समय में साफ नजर आएगा। भारत की सैन्य ताकत और तकनीकी क्षमता दोनों मजबूत होंगी। विपक्ष भी इस फैसले पर नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि यह निवेश देश की सुरक्षा व्यवस्था को कितना नई ऊंचाई देता है। भारत तेजी से आधुनिक सैन्य शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

























