शनिवार को मिडिल ईस्ट में तनाव अचानक अपने चरम पर पहुंच गया। ईरान की ओर से कई सैन्य कार्रवाइयों के दावे किए गए। इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल पैदा कर दिया है। दुनिया भर की नजरें अब इस इलाके पर टिकी हुई हैं। हालात इतने संवेदनशील हो गए हैं कि किसी भी समय बड़ा टकराव हो सकता है।
कुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले का दावा
ईरान ने दावा किया कि उसने कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन हमला किया। बताया गया कि इस हमले में रडार सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है। कुवैत के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार इस घटना के बाद हवाई सेवाएं प्रभावित हुईं। सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत कड़ा करना पड़ा। यह हमला क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।
दुबई में अमेरिकी ठिकानों को निशाना?
ईरान ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि उसने संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद एक ड्रोन रोधी सिस्टम डिपो को निशाना बनाया। बताया गया कि यह डिपो अमेरिकी सेना से जुड़ा था। ईरानी सैन्य कमान ने यह भी कहा कि दुबई में कथित अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
हूती विद्रोहियों का इजरायल पर हमला
इस बीच ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर मिसाइल हमला करने का दावा किया। इजरायली सेना ने कहा कि उसने मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया। इस हमले में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। लेकिन इस घटना ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
बढ़ता टकराव और अस्थिरता
लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाइयों से मिडिल ईस्ट में टकराव का दायरा बढ़ता जा रहा है। एक तरफ ईरान के दावे हैं, तो दूसरी तरफ अलग-अलग देशों की प्रतिक्रियाएं। इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता गहराती जा रही है। लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। यह स्थिति बड़े संघर्ष की ओर इशारा कर रही है।
क्या दुनिया पर पड़ेगा इसका असर?
यह घटनाएं सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रह सकतीं। अगर तनाव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक स्तर पर भी पड़ेगा। तेल बाजार, व्यापार और सुरक्षा पर इसका प्रभाव दिख सकता है। इसलिए दुनिया के कई देश इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिन बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

























