कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच अब तक 6 मुकाबले हुए हैं। लखनऊ ने 4 मैच जीते हैं। कोलकाता सिर्फ 2 जीत पाई है। आंकड़े साफ बताते हैं कि लखनऊ आगे है। यह रिकॉर्ड टीम को आत्मविश्वास देता है। लेकिन टी20 में कुछ भी हो सकता है। खासकर जब मैच घरेलू मैदान पर हो।
क्या केकेआर की फॉर्म चिंता?
कोलकाता की शुरुआत इस सीजन में कमजोर रही है। टीम को अभी तक बड़ी जीत नहीं मिली है। एक मैच बारिश में धुल गया। बल्लेबाजी में लगातार रन नहीं बन रहे। कुछ खिलाड़ी ही फॉर्म में हैं। गेंदबाजी भी दबाव में दिखी है। स्पिनर्स रन दे रहे हैं। डेथ ओवर में तेज गेंदबाज संघर्ष कर रहे हैं।
क्या लखनऊ मजबूत नजर आ रही?
लखनऊ टीम ने वापसी का संकेत दिया है। शुरुआती हार के बाद टीम ने जीत दर्ज की। कप्तान ऋषभ पंत अच्छी लय में दिख रहे हैं। टॉप ऑर्डर तेजी से रन बना रहा है। मिडिल ऑर्डर संतुलित है। गेंदबाजी में अनुभव नजर आता है। टीम का कॉम्बिनेशन मजबूत लग रहा है।
क्या ईडन की पिच बल्लेबाजों की?
ईडन गार्डन्स की पिच बल्लेबाजों के लिए जानी जाती है। यहां बड़े स्कोर बनते हैं। 200 रन अब सामान्य हो गए हैं। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिलती है। बाद में बल्लेबाजी आसान हो जाती है। अगर बारिश आई तो मैच छोटा हो सकता है। ऐसे में चेज करने वाली टीम को फायदा मिलता है।
क्या प्लेइंग 11 में क्या बदलाव?
केकेआर की टीम में अजिंक्य रहाणे कप्तान हैं। उनके साथ फिन एलन और रिंकू सिंह अहम होंगे। वहीं लखनऊ में मिचेल मार्श और निकोलस पूरन जैसे खिलाड़ी हैं। गेंदबाजी में मोहम्मद शमी और आवेश खान जिम्मेदारी संभालेंगे। दोनों टीमों में संतुलन दिखता है। अंतिम फैसला टॉस और फॉर्म तय करेगी।
क्या मैच का रुख क्या होगा?
यह मुकाबला पूरी तरह खुला है। केकेआर घरेलू मैदान का फायदा लेना चाहेगी। लखनऊ अपने रिकॉर्ड पर भरोसा करेगी। अगर केकेआर की बल्लेबाजी चली तो मैच बदल सकता है। अगर लखनऊ की गेंदबाजी हावी रही तो बाज़ी पलट सकती है। दोनों टीमों के लिए यह मैच अहम है।
क्या किसके जीतने के ज्यादा चांस?
मुकाबला कांटे का है। आंकड़े लखनऊ के पक्ष में हैं। लेकिन घरेलू मैदान केकेआर के साथ है। मैच छोटे-छोटे मोमेंट्स पर निर्भर करेगा। जो टीम दबाव संभालेगी वही जीतेगी। फैंस को एक हाई स्कोरिंग मैच देखने को मिल सकता है। अब नजर 9 अप्रैल की शाम पर है।

























