नीतीश कुमार के सरकारी घर में हलचल तेज है। सामान पैक हो रहा है। गाड़ियां आ जा रही हैं। स्टाफ भी व्यस्त दिख रहा है। यह कोई साधारण शिफ्टिंग नहीं लगती। यह एक बड़े बदलाव का संकेत है। पटना के मुख्यमंत्री आवास से चीजें हटाई जा रही हैं। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
दिल्ली जाने की तैयारी क्यों?
नीतीश कुमार अब राज्यसभा सदस्य बन चुके हैं। उन्होंने विधान परिषद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद संसद के उच्च सदन में पहुंचे। यह कदम सीधा दिल्ली की राजनीति की ओर इशारा करता है। अब उनका फोकस राष्ट्रीय स्तर पर दिख रहा है। यही वजह है कि पटना से दूरी बनती दिख रही है।
सात सर्कुलर रोड क्यों खास?
जिस नए घर में सामान जा रहा है, वह सात सर्कुलर रोड है। यह कोई नया ठिकाना नहीं है। नीतीश पहले भी यहां रह चुके हैं। साल 2014 में भी यही हुआ था। तब उन्होंने हार के बाद पद छोड़ा था। और इसी घर में शिफ्ट हुए थे। अब वही कहानी फिर दोहरती दिख रही है।
क्या इस्तीफे की उलटी गिनती?
अभी तक उन्होंने औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है। लेकिन हालात कुछ और कहानी कहते हैं। घर खाली करना बड़ा संकेत होता है। सत्ता छोड़ने से पहले ऐसा ही होता है। इसलिए अटकलें तेज हो गई हैं। लोग मान रहे हैं कि फैसला बस आने वाला है।
सूत्र क्या इशारा कर रहे?
सूत्रों की मानें तो तैयारी पहले से चल रही थी। जैसे ही राज्यसभा की चर्चा शुरू हुई। उसी समय नया घर तैयार होने लगा। अब सब कुछ लगभग तैयार है। शिफ्टिंग भी तेज हो गई है। इसका मतलब साफ है कि प्लान पहले से तय था।
बिहार में अगला चेहरा कौन?
सबसे बड़ा सवाल अब यही है। अगर नीतीश जाते हैं तो अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। अभी कोई नाम तय नहीं है। लेकिन अंदरखाने चर्चा जारी है। पार्टी के भीतर भी हलचल है। सहयोगी दल भी स्थिति देख रहे हैं। आने वाले दिन बहुत अहम होंगे।
क्या नई राजनीति की शुरुआत?
यह सिर्फ घर बदलने की कहानी नहीं है। यह राजनीति बदलने का संकेत है। नीतीश अब राष्ट्रीय भूमिका में दिख सकते हैं। बिहार को नया नेतृत्व मिल सकता है। राज्य की राजनीति नए दौर में जा सकती है। सबकी नजर अब अगले फैसले पर है।

























