पंजाब में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम अब जमीन पर असर दिखा रही है. आम आदमी पार्टी के नेता बलतेज पन्नू ने कहा कि अभियान के नतीजे साफ नजर आ रहे हैं. यह सिर्फ बयान नहीं है. आंकड़े भी यही कहानी बताते हैं. सरकार का कहना है कि यह मुहिम अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है. गांव से लेकर शहर तक इसका असर दिख रहा है. लोगों का भरोसा भी इस अभियान में बढ़ा है. यही वजह है कि सरकार इसे निर्णायक मोड़ मान रही है.
सरकार को इतना भरोसा क्यों?
बलतेज पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में यह अभियान लगातार मजबूत हुआ है. उन्होंने दावा किया कि पंजाब अब तेजी से नशा मुक्त राज्य बनने की ओर बढ़ रहा है. सरकार का कहना है कि पहले जो डर था, अब वह कम हुआ है. पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हुई है. हर स्तर पर निगरानी बढ़ी है. यही कारण है कि सरकार अब खुलकर सफलता की बात कर रही है.
कितनी कार्रवाई हुई अब तक?
पंजाब पुलिस ने इस अभियान के तहत अब तक 41,850 एफआईआर दर्ज की हैं. यह संख्या बताती है कि कार्रवाई कितनी बड़े स्तर पर हो रही है. इन मामलों में करीब 60 हजार ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. यह सिर्फ गिरफ्तारी नहीं है. यह नेटवर्क तोड़ने की कोशिश है. पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. हर इनपुट पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है. यही वजह है कि इतने बड़े आंकड़े सामने आए हैं.
कितना नशा बरामद हुआ?
इस मुहिम के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में ड्रग्स भी बरामद किए हैं. आंकड़ों के मुताबिक 2569 किलो हेरोइन पकड़ी गई है. इसके अलावा स्मैक, अफीम, भुक्की, गांजा और कोकीन भी बड़ी मात्रा में जब्त हुई है. यह दिखाता है कि नेटवर्क कितना बड़ा था. और कार्रवाई कितनी गहरी गई है. पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है. अभी और कार्रवाई बाकी है.
जनता की भूमिका कितनी अहम?
सरकार ने इस अभियान में जनता की भूमिका को सबसे बड़ा बताया है. गांवों में बनी विलेज डिफेंस कमेटियां सक्रिय हैं. लोग लगातार सूचना दे रहे हैं. यही सूचना पुलिस के लिए सबसे बड़ा हथियार बन रही है. पन्नू ने कहा कि लोगों के सहयोग के बिना यह संभव नहीं था. जनता और सरकार के इस तालमेल ने तस्करों पर दबाव बढ़ाया है. यही इस अभियान की असली ताकत है.
टेक्नोलॉजी ने कैसे मदद की?
इस मुहिम में एक खास मोबाइल ऐप भी बड़ी भूमिका निभा रहा है. सरकार के मुताबिक इस ऐप के जरिए सबसे ज्यादा जानकारी मिल रही है. इसका सक्सेस रेट 80 फीसदी से ज्यादा बताया गया है. लोग सीधे पुलिस तक सूचना पहुंचा रहे हैं. इससे कार्रवाई तेज और सटीक हो रही है. डिजिटल माध्यम ने इस अभियान को और मजबूत किया है.
क्या सच में बदल रहा पंजाब?
सरकार का दावा है कि यह मुहिम ‘रंगला पंजाब’ की दिशा में बड़ा कदम है. लगातार कार्रवाई से ड्रग नेटवर्क कमजोर हुआ है. लेकिन असली परीक्षा आगे है. क्या यह रफ्तार बनी रहेगी. क्या नशा पूरी तरह खत्म हो पाएगा. फिलहाल सरकार आत्मविश्वास में है. और संदेश साफ है. नशे के खिलाफ यह जंग अभी जारी है.

























