दक्षिण भारत की तपती गर्मी में लोग कौन सी चीज़ पीकर अपने आप को ठंडा रखते हैं, इसका जवाब आयुष जिंदल ने दिया है। उनके मुताबिक ‘रागी अम्बाली’ न सिर्फ एक पुरानी ड्रिंक है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जाती है।
दक्षिण भारत की खास पारंपरिक ड्रिंक
दक्षिण भारत में गर्मी के मौसम के दौरान ‘रागी अम्बाली’ का एक अलग ही दर्जा है, क्योंकि यह सिर्फ प्यास बुझाने वाली चीज़ नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती आ रही है और आज भी लोग इसे गर्मी से बचने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
2000 साल पुरानी परंपरा का दावा
आयुष जिंदल के अनुसार यह ड्रिंक लगभग 2000 साल पुरानी है और इसकी असली खासियत इसकी फर्मेंटेशन प्रक्रिया और मिट्टी के बर्तनों में तैयार करने के तरीके में छुपी हुई है, जो इसे दूसरी ड्रिंक्स से अलग बनाती है।
रागी के पोषण गुणों की ताकत
रागी में कैल्शियम, आयरन और फाइबर बहुत मात्रा में होते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। इसकी तासीर कुदरती तौर पर ठंडी होती है, जिसकी वजह से यह गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक देने में मदद करती है।
स्मूथ स्लरी बनाने का सही तरीका
रेसिपी की शुरुआत रागी के आटे से होती है। सबसे बड़ी गलती लोग यह करते हैं कि इसे सीधा गर्म पानी में डाल देते हैं, जिससे गुठलियाँ बन जाती हैं, जबकि सही तरीका यह है कि पहले ठंडे पानी में इसे अच्छी तरह फेंटा जाए ताकि एक स्मूथ स्लरी तैयार हो सके।
पकाने की सही तकनीक
इसके बाद एक मोटे तले वाले बर्तन में पानी उबालकर मध्यम आंच पर रागी स्लरी धीरे-धीरे डाली जाती है और इसे लगातार चलाना ज़रूरी होता है, ताकि यह बिना गुठली और नरम बने। कुछ मिनटों तक पकाने के बाद इसे स्टीम दी जाती है।
फर्मेंटेशन का असली जादू
जब यह मिश्रण कुछ ठंडा हो जाता है तो इसके गोले बनाकर मिट्टी के बर्तन में पानी के साथ रख दिए जाते हैं और इसे 8 से 12 घंटे के लिए छोड़ दिया जाता है। इस दौरान फर्मेंटेशन की प्रक्रिया होती है, जो इसे खास सुगंध और स्वाद देती है।
मैशिंग से आता है असली स्वाद
अगले दिन यह गोले नरम हो जाते हैं और उन्हें उसी पानी में मैश किया जाता है, जिससे ड्रिंक में पारंपरिक स्वाद आता है। इसमें दही मिलाकर इसकी कंसिस्टेंसी छाछ वाली बनाई जाती है।
मसालों से बढ़ता है फ्लेवर
इसके बाद इसमें अदरक, हरी मिर्च, प्याज, धनिया और करी पत्ते मिलाए जाते हैं, जिससे यह ड्रिंक और भी स्वादिष्ट और ताज़गी भरी बन जाती है। आखिर में नमक डालकर इसे तैयार किया जाता है।
पुराने समय से मिलती आ रही ताकत
पुराने समय में जब फ्रिज या एयर कंडीशनर नहीं हुआ करते थे, तब किसान और मज़दूर गर्मी में अपने आप को हाइड्रेट रखने के लिए इस ड्रिंक का सहारा लेते थे, जो आज भी उनके लिए एक कुदरती उपचार की तरह काम करती है।
गर्मी में सेहत के लिए बड़ा फायदा
माहिरों का मानना है कि रागी अम्बाली न सिर्फ शरीर को ठंडक देती है, बल्कि यह पाचन प्रणाली को भी मजबूत करती है और लू से बचाने में मदद करती है, जिसकी वजह से यह गर्मी में एक परफेक्ट ड्रिंक मानी जाती है।

























