नई दिल्ली. नोएडा में मैक्सिकन ड्रग कार्टेल से जुड़े एक मेथ लैब का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें तिहाड़ जेल का एक वार्डन और दो दिल्ली के व्यापारी शामिल हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने मंगलवार को यह जानकारी दी। यह घटना चेन्नई में मेथ लैब के पकड़े जाने के कुछ ही दिन बाद की है।
NCB के बयान के अनुसार, यह लैब उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के कासना औद्योगिक क्षेत्र में 25 अक्टूबर को पकड़ी गई। छापेमारी के दौरान वहां से 95 किलो मेथामफेटामाइन, एक सिंथेटिक ड्रग, ठोस और तरल रूप में बरामद किया गया। इसके अलावा रेड फॉस्फोरस और एसीटोन जैसे रसायन भी मिले। इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी शामिल थी, क्योंकि इस ड्रग नेटवर्क के लिंक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के कई हिस्सों तक फैले पाए गए थे।
जेल वार्डन और व्यापारी की भूमिका
प्रारंभिक जांच में पता चला कि एक दिल्ली स्थित व्यापारी, जो छापेमारी के समय फैक्ट्री में मौजूद था, और तिहाड़ जेल का वार्डन इस अवैध मेथ फैक्ट्री की स्थापना में अहम भूमिका निभा रहे थे। NCB के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (ऑपरेशंस) ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि आरोपियों ने ड्रग्स के लिए जरूरी रसायन विभिन्न स्रोतों से जुटाए और मशीनरी का आयात किया।
मैक्सिकन ड्रग कार्टेल से जुड़े थे तार
NCB ने बताया कि इस लैब में मुंबई के एक केमिस्ट को ड्रग बनाने के लिए नियुक्त किया गया था। ड्रग तैयार होने के बाद इसकी गुणवत्ता दिल्ली में रह रहे मैक्सिकन ड्रग कार्टेल के एक सदस्य द्वारा जांची गई। 27 अक्टूबर को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर विशेष एनडीपीएस अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की NCB हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद, गिरोह के एक “महत्वपूर्ण सदस्य” को दिल्ली के राजौरी गार्डन से गिरफ्तार किया गया। यह व्यक्ति दिल्ली स्थित व्यापारी का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है।
ड्रग माफिया के औद्योगिक क्षेत्रों…
NCB के अनुसार, इस मामले में शामिल दिल्ली का व्यापारी पहले भी NDPS एक्ट के तहत डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) द्वारा पकड़ा जा चुका है और तिहाड़ जेल में रहते हुए उसने वार्डन से संपर्क स्थापित किया था, जो उसका साथी बन गया। इस केस में पहचाने गए मैक्सिकन ड्रग कार्टेल का नाम CJNG (कार्टेल दे जलिस्को नुएवा जेनरेशन) है, जो मैक्सिको के सबसे खतरनाक माफियाओं में से एक है। इस गिरोह के बारे में कहा जाता है कि यह असफल नए सदस्यों को मारकर उनकी ‘बलि’ देता है। NCB ने बताया कि इस छापेमारी में सिंथेटिक ड्रग बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले रसायनों और उपकरणों की बड़ी मात्रा जब्त की गई। एजेंसी इस मामले की व्यापक जांच कर रही है।

























