जम्मू. जम्मू और कश्मीर के बडगाम जिले में शुक्रवार शाम को हुए आतंकवादी हमले में उत्तर प्रदेश के दो प्रवासी मजदूर घायल हो गए। मझामा इलाके के मागम में हुए इस हमले में यूपी के सहारनपुर निवासी सूफियान और उस्मान को गोली मारी गई। घटना के तुरंत बाद दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
जल जीवन परियोजना में कर रहे थे मजदूरी
सूफियान और उस्मान जल जीवन परियोजना के अंतर्गत काम कर रहे थे, जो ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजना है। हमले में एक मजदूर के हाथ में और दूसरे के पैर में गोली लगी। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए एसडीएच मागम अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और आतंकवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया।
मुख्यमंत्री ने हमले की निंदा की
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला ने की हमले की निंदा
गैर-स्थानीय मजदूरों पर हुए इस हमले की निंदा करने वालों में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला शामिल हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के आधिकारिक X (पहले ट्विटर) हैंडल से एक पोस्ट में कहा गया, “जेकेएनसी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मझामा, बडगाम में नागरिकों पर हुए आतंकवादी हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया और इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की। वे पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हैं और इस दुखद घटना में प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता दिखाते हैं।”
कांग्रेस नेता ने भी किया हमले का विरोध
कांग्रेस के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने भी इस हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने घायल मजदूरों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और सरकार से इन अमानवीय कृत्यों पर लगाम लगाने की मांग की।
गांदरबल में निर्माण स्थल पर मजदूरों की हत्या
पिछले महीने गांदरबल जिले के सोनमर्ग में एक निर्माण स्थल पर भीषण हमला हुआ था, जिसमें एक डॉक्टर और छह प्रवासी मजदूरों की हत्या कर दी गई थी। ये मजदूर ज़-मोहर सुरंग निर्माण परियोजना में काम कर रहे थे, जो गगनगीर को सोनमर्ग से जोड़ने के लिए बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को “कायराना और घिनौना” करार दिया था। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना में लगे निर्दोष मजदूरों पर हुए हमले की कड़ी आलोचना की थी।
हाल ही में बढ़े हमले
24 अक्टूबर को, पुलवामा जिले के त्राल क्षेत्र के बटागुंड में उत्तर प्रदेश के बिजनौर का एक प्रवासी मजदूर भी आतंकवादियों के हमले में घायल हो गया था। आतंकियों ने उसे हाथ में गोली मारी थी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। इस घटना स्थल से कोई भी गोली का खोखा बरामद नहीं हुआ। इसके पहले, 18 अक्टूबर को दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के जैनापोरा में बिहार के एक प्रवासी मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। स्थानीय लोगों ने उसका गोलियों से छलनी शव बरामद किया था।
सुरक्षा की चुनौती
गैर-स्थानीय मजदूरों पर हो रहे इन हमलों ने घाटी में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवादियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं, लेकिन हालिया घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं।

























