गाजा में इजरायली हमलों के कारण रोजाना दर्जनों लोग मारे जा रहे हैं, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सिंगापुर ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सिंगापुर ने इजरायल-फलस्तीन संघर्ष के सभी पक्षों से गाजा में मानवीय आधार पर युद्धविराम समझौता करने और सभी बंधकों को बिना शर्त तुरंत मुक्त करने का आग्रह किया है।
इजरायल की नई कानून पर चिंता
सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने हाल ही में इजरायली संसद द्वारा पारित एक नए कानून पर भी अपनी “गहरी चिंता” जताई। यह कानून संयुक्त राष्ट्र फिलस्तीनी शरणार्थी एजेंसी ‘यूएनआरडब्ल्यूए’ को इजरायल और कब्जे वाले पूर्वी यरुशलम में काम करने से रोकता है। बालाकृष्णन ने इस पर चिंता व्यक्त की कि इससे “गाजा और उसके बाहर लोगों को राहत पहुंचाने से जुड़े संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के आवश्यक कार्य में बाधा उत्पन्न होगी।”
सिंगापुर की वित्तीय सहायता
बुधवार को, बालाकृष्णन ने स्थानीय परमार्थ संस्था ‘रहमतान लिल आलमीन फाउंडेशन’ (आरएलएएफ) द्वारा संयुक्त राष्ट्र की बाल कल्याण एजेंसी यूनिसेफ को 7,00,000 सिंगापुर डॉलर की धनराशि सौंपे जाने के लिए आयोजित समारोह से पहले यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “सिंगापुर यूनिसेफ, यूएनआरडब्ल्यूए और अन्य संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के कार्यों की सराहना करता है, जिन्होंने गाजा में जीवन रक्षक सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और निभा रहे हैं।”
अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील
बालाकृष्णन ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील की, जिसमें यह भी शामिल है कि इन एजेंसियों के अधिकारियों का सम्मान और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि कुछ एजेंसी के कर्मी हताहत भी हुए हैं।
समग्र स्थिति का आकलन
सिंगापुर ने इजराइल-फलस्तीन संघर्ष के सभी पक्षों से गाजा में मानवीय आधार पर युद्धविराम समझौता करने और हमास द्वारा बंधक बनाए गए सभी लोगों को बिना शर्त तत्काल मुक्त करने की मांग की है। इस तरह की अपीलें इस संघर्ष की गंभीरता को दर्शाती हैं और मानवीय राहत के प्रयासों को प्राथमिकता देने का संकेत देती हैं। सिंगापुर का यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से मानवीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का एक प्रयास है, जिससे गाजा के लोगों की स्थिति में सुधार हो सके।
























