गुजरात पिछले एक सप्ताह से जारी भारी बारिश के कारण भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है. केवल चार दिनों में बारिश जनित दुर्घटनाओं में 32 लोगों की जान जा चुकी है. 1200 से अधिक को बचाया गया, जबकि बाढ़ वाले इलाकों से 18 हजार से ज्यादा लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. इतनी तबाही का कारण अरब सागर में बना डीप डिप्रेशन रहा, जिसके कारण गुजरात में चक्रवाती तूफान असना की आशंका जताई जा रही थी, जिसका खतरा टल गया है.
मौसम विभाग की वेबसाइट पर मौसम विज्ञान से संबंधित शब्दों को परिभाषित किया गया है. इसमें बताया गया है कि मौसम में किसी चक्रवाती अशांति के कारण जब सतह पर 17 से 33 नॉट (31 से 61 किमी प्रति घंटा) की रफ्तार से हवा चलती है तो इसे डिप्रेशन कहा जाता है. अगर हवा की अधिकतम गति 28 नाट यानी 50 किमी प्रति घंटे से 33 नॉट यानी 61 किमी प्रति घंटे के बीच पहुंच जाए तो ऐसे सिस्टम को डीप डिप्रेशन (गहरा अवदाब) कहा जाता है.
इसी डीप डिप्रेशन के कारण गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई है. इसके चलते पूर्व-मध्य गुजरात में 105 फीसद से अधिक बारिश दर्ज की गई. उत्तरी गुजरात में औसत रूप से 87 प्रतिशत बारिश हुई. वहीं, क्षेत्रवार आकलन करें तो कच्छ में सबसे ज्यादा 177 फीसद बारिश दर्ज हुई. सौराष्ट्र में 124 प्रतिशत से अधिक और दक्षिण गुजरात में 111 प्रतिशत से ज्यादा बारिश हुई. चूंकि डीप डिप्रेशन कच्छ और सौराष्ट्र के ऊपर से गुजर रहा था, इसलिए वहीं सबसे अधिक प्रभाव भी पड़ा.
यह सिस्टम पहले बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव वाले क्षेत्र के रूप में बना. फिर मध्य प्रदेश के ऊपर तेज हुआ और इसने डिप्रेशन का रूप ले लिया. इसके बाद राजस्थान पहुंचा और डीप डिप्रेशन में बदल गया. वहां से आगे यह गुजरात के ऊपर काफी धीमी गति से बढ़ रहा था और साथ में अरब सागर से इसे खूब नमी भी मिल रही थी, इसीलिए गुजरात के कई इलाकों में बेहद भारी बारिश हुई.
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) का कहना कि गुजरात के ऊपर धीरे-धीरे बढ़ रहा डीप डिप्रेशन सिस्टम ने शुक्रवार को कच्छ और पाकिस्तान के तटीय इलाकों में चक्रवात असना में तब्दील हो गया. आईएमडी के अनुसार चक्रवात में 63 किमी प्रति घंटे से 87 किमी प्रति घंटे के बीच की गति से हवा चलती है. इस चक्रवात के शनिवार (31 अगस्त) को गुजरात के तटों से टकराने की आशंका भी मौसम विभाग जताई थी पर अब इसका खतरा टल गया है. यह पूरी तरह से अरब सागर में पाकिस्तान की ओर मुड़ गया है. फिर भी इसका असर सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय इलाकों में दिख रहा है. यहां तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. बताते चलें कि इस चक्रवात को पाकिस्तान ने असना नाम दिया है.

























