Sports News: ओमान क्रिकेट बोर्ड एक बार फिर विवादों में है। वजह है 2024 टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की इनामी राशि का भुगतान अभी तक नहीं किया जाना। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की ओर से ओमान को कुल 2.25 लाख अमेरिकी डॉलर यानी करीब 1.93 करोड़ रुपये दिए गए थे। लेकिन बोर्ड ने न सिर्फ खिलाड़ियों तक यह पैसा नहीं पहुंचाया, बल्कि सवाल पूछने की हिम्मत करने वाले खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया गया।
खिलाड़ियों की आवाज दबाई गई, अनुबंध भी रद्द
ओमान के लिए कई अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके भारतीय मूल के खिलाड़ी कश्यप प्रजापति इस समय अमेरिका में शरण लिए हुए हैं। प्रजापति कहते हैं, “हमने न सिर्फ़ अपनी टीम खोई, बल्कि हमारा करियर और पहचान भी छीन ली गई। हमें चुप रहने को कहा गया और जब हमने सवाल उठाए तो हमारे अनुबंध समाप्त कर दिए गए।” प्रजापति ने यह भी दावा किया कि बोर्ड ने 2021 के बाद से किसी भी टी20 टूर्नामेंट के लिए पुरस्कार राशि वितरित नहीं की है और खिलाड़ियों को इस नीति के बारे में कोई जानकारी भी नहीं दी गई।
आईसीसी के दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन
आईसीसी के नियमों के अनुसार, किसी भी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के खत्म होने के 21 दिनों के भीतर बोर्ड को अपने खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि का हिस्सा देना अनिवार्य है। आईसीसी ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उन्होंने ओमान को भुगतान कर दिया है। इसके बावजूद, करीब एक साल बीत जाने के बाद भी खिलाड़ियों को एक पैसा भी नहीं मिला है।
रोजगार वीज़ा रद्द; देश छोड़ना पड़ा
ओमान टीम के तेज गेंदबाज फैयाज बट, जो पाकिस्तान में पैदा हुए थे, भी अपना रोजगार वीजा रद्द होने के बाद देश छोड़कर चले गए हैं। खाड़ी देशों में खिलाड़ियों को आमतौर पर वर्क वीजा के जरिए टीम में रखा जाता है, लेकिन क्रिकेट छोड़ते ही उनकी कानूनी स्थिति भी खतरे में पड़ जाती है। फैयाज अब रोजगार की तलाश में हैं और उन्होंने कहा कि यह पूरी स्थिति “एक सुनियोजित सजा की तरह लगती है।”
WCA का समर्थन और अंतर्राष्ट्रीय चिंता
विश्व क्रिकेटर्स एसोसिएशन (WCA) ने भी इस स्थिति की पुष्टि की है। WCA का कहना है कि कुछ बोर्ड ने देरी की, लेकिन ओमान एकमात्र ऐसा देश है जिसने खिलाड़ियों की शिकायतों को पूरी तरह से नकार दिया और अनदेखा कर दिया। यह पूरा मामला अब सिर्फ़ आर्थिक मुद्दा नहीं बल्कि नैतिक और मानवाधिकार का मुद्दा बन गया है। खिलाड़ियों की मेहनत की कमाई रोकना, उनके सवालों पर उन्हें बाहर निकालना और फिर उनके वीज़ा रद्द करना दिखाता है कि ओमान क्रिकेट बोर्ड शोषण के ख़तरनाक मॉडल की ओर बढ़ रहा है।

























