लाइफ स्टाइल न्यूज. आम सिरदर्द कभी थकान, भूख या नींद की कमी से हो सकता है। लेकिन माइग्रेन अलग है। इसमें सिर के एक हिस्से में तेज़ दर्द होता है। कई बार यह दर्द धड़कनों जैसा महसूस होता है। इसके साथ उल्टी, रोशनी से परेशानी या आवाज़ से तकलीफ भी हो सकती है। यह केवल एक साधारण दर्द नहीं बल्कि दिमाग से जुड़ी गंभीर समस्या है। डॉक्टरों के मुताबिक माइग्रेन दिमाग की नसों में बदलाव से होता है। तनाव, तेज रोशनी, ऊँची आवाज़, हार्मोनल बदलाव या नींद की कमी इसे बढ़ा सकते हैं। कुछ लोगों को खाली पेट रहना या देर तक भूखा रहना भी माइग्रेन दे सकता है। मौसम में अचानक बदलाव, गर्मी-ठंड का असर और थकान भी इसके कारण हैं।
खाने-पीने से भी बढ़ता
कुछ खाने-पीने की चीज़ें माइग्रेन को और बढ़ा सकती हैं। जैसे बहुत ज्यादा मीठा, कॉफी, चाय, चॉकलेट, पुराना पनीर, शराब और पैकेट वाला खाना। वहीं ताजे फल, सब्जियां, अनाज और पर्याप्त पानी पीना फायदेमंद है। इसलिए अपनी डाइट पर ध्यान देना ज़रूरी है।
माइग्रेन के लक्षण पहचानें
माइग्रेन में सिर के एक हिस्से में तेज़ दर्द होता है। कई बार आँखों के सामने चमकते धब्बे भी दिखते हैं। उल्टी, चक्कर और रोशनी या आवाज़ से परेशानी आम है। कुछ लोगों को हाथ-पैरों में कमजोरी भी महसूस होती है। यही फर्क माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द में है। अगर आपको माइग्रेन है तो नियमित जीवनशैली अपनाना ज़रूरी है। रोज़ समय पर खाना खाएँ, पानी पीते रहें और नींद पूरी करें। स्क्रीन पर ज़्यादा समय न बिताएँ। माइग्रेन को ट्रिगर करने वाले खाने और आदतों से बचें।
दर्द होने पर क्या करें
अगर सिरदर्द शुरू हो तो शांत और अंधेरे कमरे में आराम करें। ठंडी पट्टी या हल्का गरम सेंक लगाने से आराम मिलेगा। जरूरत होने पर डॉक्टर की सलाह से दवा लें। बार-बार दर्द हो तो तुरंत विशेषज्ञ से मिलें। माइग्रेन को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे कंट्रोल किया जा सकता है। सही खानपान, पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी रखकर इसे कम किया जा सकता है। धूम्रपान और शराब से बचना बेहद ज़रूरी है। डॉक्टर कहते हैं कि माइग्रेन को समय पर कंट्रोल करना ज़रूरी है, वरना यह पुराना और खतरनाक हो सकता है।

























