पंजाब न्यूज. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 29 मई 2025 को फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल को नए रूप में लॉन्च किया और 10 जून को इसका भव्य उद्घाटन हुआ। इस डिजिटल मंच ने कारोबारी मंजूरियों को बेहद आसान बना दिया है। पहले जहां कागज महीनों दफ्तरों में घूमते रहते थे, अब सबकुछ कुछ ही दिनों में पूरा हो रहा है। निवेशक इसे पंजाब की औद्योगिक क्रांति मान रहे हैं।
पुराने मामलों की सफाई हुई
फरवरी 2025 में 8,075 आवेदन समय से ज्यादा लटके हुए थे। पोर्टल की वजह से अब सिर्फ 283 बचे हैं। यानी 96% कमी! जिला स्तर पर 833 मामले लंबित थे, जो घटकर 17 हो गए। राज्य स्तर पर 166 मामले पूरी तरह निपट गए। यह साफ करता है कि सरकार सिर्फ बातें नहीं, बल्कि काम करके दिखा रही है।
मंजूरी का सबसे आसान रास्ता
www.fasttrack.punjab.gov.in
पर एक ही फॉर्म और एक ही स्टैंप पेपर से सभी विभागों की मंजूरी मिल रही है। जमीन, पर्यावरण, फायर सेफ्टी, फॉरेस्ट—all approvals at one place। पंजाब राइट टू बिजनेस कानून, 2025 के तहत अब 45 दिन में मंजूरी पक्की है। खास प्रोजेक्ट्स को 5 से 18 दिन में ग्रीन सिग्नल मिल रहा है।
स्मार्ट सिस्टम ने खत्म की देरी
पोर्टल इतना स्मार्ट है कि देरी की कोई गुंजाइश ही नहीं। अगर विभाग जवाब नहीं देता, तो आवेदन अपने आप मंजूर हो जाता है। गलतियां तुरंत पकड़ में आती हैं। अगर आवेदन खारिज हो जाए, तो ऊपरी बोर्ड में अपील का विकल्प है। SMS और ईमेल से हर कदम की जानकारी मिलती है। यही पारदर्शिता निवेशकों का भरोसा जगा रही है।
निवेश और रोजगार में उछाल
अप्रैल से सितंबर 2025 तक 1,295 प्रोजेक्ट आवेदन आए, जिनसे 29,480 करोड़ रुपये का निवेश और 67,672 नौकरियों का अनुमान है। मार्च 2022 से अब तक 7,414 प्रोजेक्ट्स से 1.29 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 4.6 लाख रोजगार सुनिश्चित हुए हैं। यह पंजाब के उद्योग जगत की नई ताक़त है।
औद्योगिक ढांचे का बड़ा विस्तार
260 औद्योगिक भूखंड बिक चुके हैं। 52 औद्योगिक क्षेत्रों को आधुनिक बनाने के लिए 300 करोड़ रुपये लगाए जा रहे हैं। अप्रैल 2025 से 150 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। 7,300 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़े औद्योगिक हब की योजना पर भी काम शुरू है। यह पंजाब को भारत के टॉप इंडस्ट्रियल स्टेट्स में खड़ा करेगा।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में छलांग
पंजाब की रैंकिंग में पांच पायदान का सुधार हुआ है। निवेशक कह रहे हैं—“पहले महीनों इंतजार करना पड़ता था, अब कुछ दिन में मंजूरी मिल जाती है।” दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे देश का सबसे बड़ा कारोबारी सुधार बताया। मान सरकार की यह पहल न सिर्फ उद्योग बल्कि समाज में नई उम्मीदें जगा रही है।

























