टेक न्यूज. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल से कक्षा में बच्चों को पढ़ाने से लेकर उनके होमवर्क की जाँच तक, सब कुछ आसान हो जाएगा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड आज से देश भर के शिक्षकों के लिए एआई प्रशिक्षण शुरू कर रहा है। सीबीएसई शिक्षकों को एआई का उपयोग करके पढ़ाने और अन्य शिक्षण संबंधी कार्य करने के सरल सूत्र सिखाएगा।
सीबीएसई, एनसीईआरटी के माध्यम से देशभर के शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की जानकारी देने जा रहा है। यह प्रशिक्षण आज से 21 नवंबर तक यूट्यूब लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से दिया जाएगा। सीबीएसई ने सभी स्कूल प्रिंसिपलों को सख्त निर्देश दिया है कि वे अपने शिक्षकों को इस प्रशिक्षण सत्र में शामिल करें और प्रशिक्षण के बाद उनसे रिपोर्ट प्राप्त करें। यह प्रशिक्षण पाँच दिनों तक दोपहर 12:30 बजे से 1:15 बजे तक चलेगा।
जानें कि प्रशिक्षण का उद्देश्य क्या होगा
एआई अब सिर्फ़ तकनीकी कंपनियों या इंजीनियरिंग छात्रों का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह स्कूलों में शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया का भी एक अहम हिस्सा बन गया है। इसीलिए एनसीईआरटी ने इस प्रशिक्षण को विशेष रूप से शिक्षकों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया है।
हम शिक्षकों को बताएंगे कि प्रशिक्षण में एआई का उपयोग कैसे करें
प्रशिक्षण सत्र में, एनसीईआरटी के विशेषज्ञ शिक्षकों को एआई के बारे में शिक्षित करेंगे और उन्हें कक्षा और अन्य गतिविधियों में इसका उपयोग करने के तरीके, जिसमें बच्चों को एआई का उपयोग करते हुए देखना भी शामिल है, के बारे में जानकारी देंगे। शिक्षक विशेषज्ञों से प्रश्न भी पूछ सकेंगे और उनके उत्तर भी दे सकेंगे।
इससे शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों को भी लाभ मिलेगा
सीबीएसई के कौशल शिक्षा निदेशक, प्रोफेसर डॉ. विश्वजीत साहा का कहना है कि एआई प्रशिक्षण से शिक्षकों को बहुत लाभ होगा। उन्होंने आगे कहा कि इससे न केवल शिक्षकों के लिए पढ़ाना आसान होगा, बल्कि छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।
एआई का उपयोग करके, शिक्षक अपनी कक्षा के प्रत्येक बच्चे का मूल्यांकन कर सकेंगे और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षण को अनुकूलित कर सकेंगे। शिक्षक प्रत्येक बच्चे के लिए व्यक्तिगत होमवर्क, असाइनमेंट और अन्य कार्य तैयार करने के लिए एआई का उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा में एआई का उपयोग एक क्रांतिकारी बदलाव साबित हो सकता है।
एआई के इस्तेमाल से इस तरह आसान होगी पढ़ाई
एआई की मदद से, शिक्षक मिनटों में पूरी पाठ योजनाएँ, वर्कशीट, क्विज़ और प्रस्तुतियाँ तैयार कर सकते हैं। इससे शिक्षकों का बहुत समय बचेगा और वे अपने छात्रों पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित कर पाएँगे। एआई विषय के आधार पर विभिन्न स्तरों पर सामग्री भी तैयार करेगा। इससे बच्चों को बेहतर, अधिक व्यवस्थित और आधुनिक शिक्षण पद्धतियाँ उपलब्ध होंगी। यह कक्षा की दक्षता बढ़ाने में बहुत उपयोगी है।
प्रत्येक बच्चे के लिए अनुकूलित शिक्षा
एआई छात्रों के टेस्ट, होमवर्क और कक्षा के व्यवहार का विश्लेषण करके उनके स्तर और उनके लिए आवश्यक सामग्री के प्रकार का निर्धारण करता है। इससे शिक्षक कमज़ोर और मज़बूत, दोनों तरह के छात्रों को उनके स्तर के अनुसार पढ़ा सकते हैं। एआई द्वारा सुझाए गए अभ्यास, प्रश्नोत्तरी और उदाहरण बच्चों की व्यक्तिगत ज़रूरतों को पूरा करेंगे। इससे सीखने में तेज़ी आएगी और हर बच्चे को अपनी क्षमता के अनुसार प्रगति करने का मौका मिलेगा।
कॉपी जांच पर तत्काल प्रतिक्रिया प्रदान करने में सहायता करें
शिक्षक एआई के ज़रिए छात्रों की नोटबुक में भाषाई त्रुटियों, गणितीय चरणों या तथ्यात्मक त्रुटियों को तुरंत पहचान सकते हैं। एआई प्रारंभिक जाँच करता है और तुरंत प्रतिक्रिया देता है। इससे शिक्षकों का समय बचता है। छात्र अपनी गलतियों को तुरंत सुधार सकते हैं। इससे मूल्यांकन तेज़ और अधिक सटीक हो जाता है।
कठिन विषयों को सरल और रोचक बनाना
एआई 3डी मॉडल, एनिमेशन, इंटरैक्टिव वीडियो और सिमुलेशन के ज़रिए विज्ञान और गणित जैसे जटिल विषयों को बहुत आसान बना देता है। बच्चे उन चीज़ों को जल्दी समझ सकते हैं जो वे किताबों में पढ़कर नहीं समझ पाते।यह जटिल पाठों को सरल बनाता है और कक्षा में छात्रों की सहभागिता बढ़ाता है। यह विधि उन छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो दृश्य शिक्षण पसंद करते हैं।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सहायता
सुनने, बोलने या पढ़ने में कठिनाई वाले बच्चों के लिए एआई बहुत मददगार साबित हो रहा है। स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-स्पीच, ऑडियो नैरेशन और व्यक्तिगत अभ्यास जैसे उपकरण उनकी पढ़ाई को आसान बनाते हैं। डिस्लेक्सिया से पीड़ित छात्रों को पढ़ने में सहायता मिलती है, जबकि दृष्टिबाधित बच्चे ऑडियो-आधारित सामग्री से सीख सकते हैं।

























