इमरान खान को अब तक बासठ साल जेल की सजा एक सौ नवासी केस पाक इतिहास में पहली बार
पूर्व प्रधानमंत्री की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं
इंट्रो (30 शब्द):
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की कानूनी परेशानियां और बढ़ गई हैं। अलग-अलग मामलों में अब तक उन्हें 62 साल की जेल की सजा सुनाई जा चुकी है और 189 केस चल रहे हैं।
### तोशाखाना-2 केस में क्या सजा सुनाई गई?
पाकिस्तान की एक अदालत ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाया। तोशाखाना-2 भ्रष्टाचार केस में इमरान खान को 17 साल जेल की सजा दी गई। इसी केस में उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भी 17 साल की सजा मिली। यह मामला सरकारी तोहफों से जुड़ा है। अदालत ने धोखाधड़ी के आरोप साबित माने। फैसला जेल में ही सुनाया गया। इस सजा ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं।
### अब तक इमरान खान को कुल कितनी सजा हो चुकी है?
अलग-अलग मामलों में इमरान खान को कुल 62 साल की सजा सुनाई जा चुकी है। यह पाकिस्तान के इतिहास में अभूतपूर्व है। किसी भी पूर्व प्रधानमंत्री को इतनी सजा नहीं हुई। उनके खिलाफ 189 केस दर्ज हैं। अभी और मामलों की आशंका बनी हुई है। 9 मई 2023 की हिंसा के केस भी लटक रहे हैं। कानूनी संकट लगातार गहराता जा रहा है।
### तोशाखाना-1 और अन्य मामलों में क्या हुआ?
तोशाखाना-1 केस में इमरान खान को पहले ही 10 साल की सजा मिल चुकी है। यह केस सरकारी तोहफों की बिक्री से जुड़ा था। इसके अलावा अल कादिर ट्रस्ट मामले में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई गई। बुशरा बीबी से शादी से जुड़े इद्दत केस में भी सात साल की सजा मिली। हर केस ने उनकी स्थिति और कमजोर की। अदालतों में लगातार सुनवाई चलती रही। सजाओं का आंकड़ा बढ़ता गया।
### इमरान खान जेल कब से बंद हैं?
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कई मामलों में सजा मिली। 73 साल की उम्र में वे जेल में हैं। उनके परिवार ने जेल में खराब व्यवहार के आरोप लगाए हैं। हालांकि अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज किया। इमरान खान खुद सभी आरोपों से इनकार करते हैं। उनकी पार्टी भी फैसलों को राजनीतिक बताती है।
### प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद क्या बदला?
इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। अप्रैल 2022 में संसद में बहुमत साबित नहीं कर पाए। इसके बाद उनकी सरकार गिर गई। सत्ता से हटते ही कानूनी मुश्किलें शुरू हो गईं। एक के बाद एक केस दर्ज हुए। अदालतों के चक्कर बढ़ते गए। राजनीतिक संघर्ष कानूनी लड़ाई में बदल गया।
### पीटीआई और पार्टी नेताओं पर क्या असर पड़ा?
इमरान खान की गिरफ्तारी का असर उनकी पार्टी पर भी पड़ा। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कई नेता मुश्किल में फंस गए। कुछ नेताओं को गिरफ्तार किया गया। कई ने राजनीति से दूरी बना ली। पार्टी की गतिविधियां सीमित हो गईं। संगठन कमजोर पड़ता दिख रहा है। पीटीआई के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
### पाकिस्तानी राजनीति में इसका क्या मतलब है?
इतनी बड़ी सजा और इतने केस पाकिस्तानी राजनीति में नया अध्याय हैं। इमरान खान पहले ऐसे पीएम बन गए हैं। यह मामला न्याय और राजनीति की बहस को तेज कर रहा है। समर्थक इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं। विरोधी इसे कानून का राज कह रहे हैं। देश में राजनीतिक ध्रुवीकरण और गहरा गया है। आने वाले समय में हालात और जटिल हो सकते हैं।

























