IPL 2026 में अनुशासन का मामला सामने आया. राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर चर्चा में आ गए. गुवाहाटी में मैच चल रहा था. मुकाबला RCB और RR के बीच था. तभी कैमरे ने एक सीन पकड़ा. डगआउट में फोन इस्तेमाल होता दिखा. यह नियम के खिलाफ था. मामला तुरंत नोटिस में आ गया.
क्या BCCI ने क्या कार्रवाई की?
Board of Control for Cricket in India ने सख्ती दिखाई. एंटी करप्शन यूनिट हरकत में आई. रोमी भिंडर से जवाब मांगा गया. उन्होंने सफाई दी. लेकिन बोर्ड पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुआ. आखिरकार फैसला आया. एक लाख रुपए का जुर्माना लगा. साथ में चेतावनी भी दी गई.
क्या नियम इतने सख्त क्यों हैं?
IPL में नियम बहुत साफ हैं. PMOA एरिया में फोन ले जाना मना है. यह खिलाड़ियों और स्टाफ का क्षेत्र होता है. यहां किसी तरह का कम्युनिकेशन रिस्क माना जाता है. इससे मैच फिक्सिंग का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए फोन पर पूरी तरह रोक है. नियम सभी के लिए बराबर है.
क्या रोमी भिंडर ने क्या सफाई दी?
रोमी भिंडर ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी. हाल ही में फेफड़ों की समस्या हुई थी. डॉक्टर ने ज्यादा चलने से मना किया था. ड्रेसिंग रूम तक जाना मुश्किल था. इसलिए पास बैठकर फोन इस्तेमाल किया. उनका कहना था कि इरादा गलत नहीं था.
क्या फोन का इस्तेमाल किस लिए था?
भिंडर ने साफ किया कि फोन निजी काम के लिए नहीं था. उन्होंने कहा कि यह आधिकारिक काम के लिए था. टीम और बोर्ड से जरूरी बात करनी थी. IPL में कई अपडेट ऑनलाइन आते हैं. व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर जानकारी मिलती है. इसलिए फोन रखना जरूरी लगा.
क्या BCCI का क्या संदेश है?
BCCI ने साफ संदेश दिया. नियम तोड़ने पर कोई छूट नहीं होगी. चाहे इरादा सही हो या गलत. IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में अनुशासन जरूरी है. हर व्यक्ति को नियम मानने होंगे. बोर्ड ने सभी टीमों को चेतावनी दी. ऐसी गलती दोबारा न हो.
क्या आगे क्या असर पड़ेगा?
इस फैसले का असर दिखेगा. अब टीम स्टाफ ज्यादा सावधान रहेगा. डगआउट में नियमों का सख्ती से पालन होगा. कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहेगा. IPL में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है. यही बोर्ड का मकसद है. खिलाड़ियों और स्टाफ दोनों पर नजर रहेगी.























