आईपीएल 2026 में एक नया नाम सबकी जुबान पर है। साकिब हुसैन। गरीब परिवार से निकले इस खिलाड़ी ने डेब्यू में ही कमाल कर दिया। उनकी कहानी सिर्फ क्रिकेट नहीं। यह हिम्मत और मां के त्याग की कहानी है।
क्या डेब्यू में ही छा गए?
Sakib Hussain ने आईपीएल 2026 में अपने पहले ही मैच में सबका ध्यान खींच लिया। Sunrisers Hyderabad की तरफ से खेलते हुए उन्होंने शानदार गेंदबाजी की। राजस्थान के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 4 ओवर में 24 रन देकर 4 विकेट लिए। यह प्रदर्शन किसी भी नए खिलाड़ी के लिए बड़ा माना जाता है। उनकी गेंदों में धार दिखी। लाइन और लेंथ सटीक रही। डेब्यू मैच को उन्होंने यादगार बना दिया।
किन बड़े खिलाड़ियों को किया आउट?
इस मैच में साकिब ने बड़े नामों को पवेलियन भेजा। उन्होंने Yashasvi Jaiswal को आउट किया। इसके बाद Donovan Ferreira भी उनका शिकार बने। Jofra Archer जैसे तेज गेंदबाज को भी उन्होंने नहीं छोड़ा। साथ ही Ravi Bishnoi का विकेट लेकर उन्होंने मैच में अपनी पकड़ मजबूत कर ली। यह दिखाता है कि वह दबाव में भी अच्छा खेल सकते हैं।
कैसा रहा उनका गेंदबाजी प्रदर्शन?
साकिब की गेंदबाजी में अनुशासन साफ दिखा। उन्होंने 14 डॉट बॉल डालीं। उनकी इकोनॉमी भी करीब 6 रन प्रति ओवर रही। कप्तान Ishan Kishan ने उन पर भरोसा जताया। इस भरोसे को साकिब ने सही साबित किया। उन्होंने हर ओवर में टीम को फायदा पहुंचाया। नए खिलाड़ी के लिए इतना संतुलित प्रदर्शन आसान नहीं होता।
कैसी रही बचपन की कहानी?
साकिब का सफर आसान नहीं रहा। वह बिहार के गोपालगंज जिले से आते हैं। उनके पिता किसान हैं। उनके पैर में चोट भी रही है। बचपन में साकिब का सपना सेना में जाने का था। लेकिन धीरे-धीरे क्रिकेट उनकी जिंदगी बन गया। उन्होंने टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत की। छोटे-छोटे मैच खेलकर कुछ पैसे कमाए। वहीं से उनका सफर आगे बढ़ा।
मां ने क्या किया त्याग?
साकिब की सफलता के पीछे उनकी मां का बड़ा योगदान है। एक समय ऐसा आया जब उनके पास अच्छे जूते नहीं थे। उन्होंने घर आकर बताया कि महंगे स्पाइक्स खरीदना मुश्किल है। तब उनकी मां ने अपने गहने बेच दिए। उसी पैसे से साकिब के लिए जूते खरीदे गए। यह पल उनके जीवन का बड़ा मोड़ बन गया। खुद साकिब कहते हैं कि बिना अच्छे जूतों के खेलना मुश्किल होता था।
कैसे पहुंचे आईपीएल तक?
साकिब ने घरेलू क्रिकेट में भी अच्छा प्रदर्शन किया। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने अपनी पहचान बनाई। इसके बाद कई आईपीएल ट्रायल दिए। जब कोच Robin Singh ने उन्हें बताया कि उनका चयन हो गया है, तो उन्हें यकीन नहीं हुआ। पहले वह Kolkata Knight Riders से जुड़े थे। अब वह सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा हैं। रणजी ट्रॉफी में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था।
क्या बनेंगे नई प्रेरणा?
साकिब हुसैन की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं है। यह उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से बड़े सपने देखते हैं। गोपालगंज की गलियों से आईपीएल तक पहुंचना आसान नहीं होता। लेकिन मेहनत और लगन से यह संभव हुआ। उनकी सफलता दिखाती है कि मौका मिले तो प्रतिभा चमकती जरूर है। अब उनसे उम्मीदें और बढ़ गई हैं। आने वाले समय में वह भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा नाम बन सकते हैं।

























