दक्षिणी इलाके में हालात अभी भी शांत नहीं हैं। वहां लगातार सतर्कता बनी हुई है। सेना पूरी तैयारी में तैनात है। हाल के दिनों में गतिविधियां बढ़ी हैं। इसी वजह से शीर्ष नेतृत्व ने दौरा किया। स्थिति का सीधे आकलन किया गया। यह संदेश देने की कोशिश भी हुई।
क्या नेताओं का दौरा संकेत दे रहा कुछ बड़ा?
सीमा पर पहुंचकर सैनिकों से मिलना एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। इससे साफ होता है कि मामला अभी गंभीर है। नेतृत्व खुद हालात देखना चाहता है। यह कदम मनोबल बढ़ाने के लिए भी होता है। जवानों से बातचीत की गई। उनके काम की सराहना की गई।
क्या सुरक्षा इंतजाम बेहद कड़े दिखे वहां?
दौरे के दौरान सुरक्षा का स्तर ऊंचा रखा गया। नेता विशेष सुरक्षा उपकरण में नजर आए। इससे साफ दिखा कि क्षेत्र सुरक्षित नहीं है। आसपास सैनिक मौजूद थे। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। कोई भी जोखिम लेने की स्थिति नहीं है।
क्या कार्रवाई अभी भी जारी रहेगी आगे?
इस दौरे के दौरान साफ संदेश दिया गया। कहा गया कि अभियान जारी रहेगा। अभी किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। जब तक लक्ष्य पूरा नहीं होता। तब तक ऑपरेशन चलता रहेगा। यह बयान आगे की रणनीति दिखाता है।
क्या समझौते की कोशिश भी साथ चल रही?
एक तरफ कार्रवाई जारी है। दूसरी तरफ बातचीत की संभावना भी जताई गई है। भविष्य में चर्चा हो सकती है। इसका मकसद स्थायी समाधान निकालना है। लेकिन फिलहाल प्राथमिकता सुरक्षा है। यही वजह है कि सख्त रुख अपनाया गया है।
क्या नए हमलों का दौर शुरू हो चुका है?
हालिया घटनाओं के बाद कार्रवाई तेज हुई है। कई जगहों पर जवाबी कदम उठाए गए हैं। लक्षित ठिकानों पर हमले किए गए हैं। सेना अपनी रणनीति के अनुसार काम कर रही है। सुरक्षा को मजबूत करना मुख्य उद्देश्य है।
क्या आने वाले दिन और कठिन होंगे?
मौजूदा हालात को देखकर साफ है कि स्थिति जल्द नहीं बदलने वाली। तनाव बना रह सकता है। दोनों तरफ तैयारी जारी है। आने वाले समय में और घटनाएं हो सकती हैं। दुनिया की नजर इस इलाके पर टिकी हुई है। आगे क्या होगा यह देखना अहम होगा।

























