अरब सागर में अमेरिका ने एक और सख्त कार्रवाई करते हुए ईरान के तेल ले जा रहे जहाज को बीच समुद्र में रोक दिया और उसे आगे बढ़ने से मना कर दिया गया और इस कदम को सैंक्शन लागू करने की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है।
कैसे रोका गया ‘सेवान’ जहाज?
अमेरिकी नौसेना ने इस ऑपरेशन को बेहद सावधानी के साथ अंजाम दिया और गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस पिंकनी से उड़ान भरने वाले हेलिकॉप्टर ने जहाज को इंटरसेप्ट किया और उसे रोकने के बाद वापस लौटने के निर्देश दिए गए और जहाज के क्रू ने भी इसमें सहयोग किया जिससे बिना टकराव के कार्रवाई पूरी हुई।
क्या है शैडो फ्लीट का मामला?
बताया जा रहा है कि ‘सेवान’ उन जहाजों के समूह का हिस्सा है जिसे शैडो फ्लीट कहा जाता है और यह जहाज ईरान के तेल और गैस को अलग-अलग देशों तक पहुंचाते हैं और अमेरिका का आरोप है कि इसी जरिए ईरान प्रतिबंधों से बचने की कोशिश कर रहा है इसलिए इन जहाजों पर नजर रखी जा रही है।
कितने जहाजों पर हुई कार्रवाई?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक अब तक कुल 37 जहाजों को रोका या वापस भेजा जा चुका है और यह आंकड़ा दिखाता है कि अमेरिका इस अभियान को लेकर कितना सख्त है और समुद्र में हर संदिग्ध जहाज की निगरानी बढ़ा दी गई है।
क्या है अमेरिका का साफ संदेश?
अमेरिकी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सैंक्शन का उल्लंघन करने वाले किसी भी जहाज को बख्शा नहीं जाएगा और जो भी नियम तोड़ेगा उस पर कार्रवाई होगी और इसी संदेश के साथ लगातार ऑपरेशन जारी रखा जा रहा है ताकि कोई भी देश या कंपनी नियमों से बच न सके।
क्या होगा वैश्विक असर?
इस कार्रवाई का असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक बाजार पर भी पड़ सकता है और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार भी प्रभावित हो सकता है क्योंकि यह इलाका दुनिया के लिए बेहद अहम है।
क्या बढ़ेगा आगे तनाव?
अरब सागर में बढ़ती इस सख्ती के बाद अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और बढ़ने की आशंका है और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है और पूरी दुनिया इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है कि आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।























